- अमेरिका-ईरान वार्ता में गतिरोध और 100 डॉलर के पार कच्चे तेल ने बाजार पर डाला दबाव मुंबई (ईएमएस)। भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला सप्ताह बेहद निराशाजनक रहा, जहां प्रमुख सूचकांकों में 2 से 2.5 फीसदी तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की कीमतों में अप्रत्याशित उछाल और अमेरिका-ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत में देर या गतिरोध ने वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव को हवा दी, जिसका सीधा असर निवेशकों के सेंटिमेंट पर पड़ा। पूरे हफ्ते बाजार भारी उतार-चढ़ाव से जूझता रहा, लेकिन अंततः लाल निशान पर बंद होकर निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये को बहा ले गया। सोमवार को बाजार ने अस्थिर शुरुआत की। पहले प्री-ओपनिंग की बढ़त गंवाकर सेंसेक्स में 200 अंक से अधिक की गिरावट आई और निफ्टी 24,300 से नीचे पहुंच गया। इस दौरान एचडीएफसी बैंक और आरआईएल ने बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव डाला। हालांकि, बाद में खरीदारी लौटने से बेंचमार्क सूचकांक हरे निशान पर लौट आए और मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। भू-राजनीतिक चुनौतियों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद सेंसेक्स 26.76 अंक और निफ्टी 11.30 अंक बढ़कर बंद हुए। मंगलवार को भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद बाजार में जोरदार तेजी दिखी। अमेरिका-ईरान वार्ता की खबरों और ब्रेंट क्रूड के 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने की उम्मीद ने निवेशकों के सेंटिमेंट को बढ़ावा दिया। सेंसेक्स 753.03 अंक चढ़कर 79,273.33 पर और निफ्टी 211.75 अंक बढ़कर 24,576.60 पर बंद हुआ, जिसमें अदाणी पोर्ट्स और आईसीआईसीआई बैंक जैसे शेयर दो फीसदी तक चढ़े। हालांकि, यह तेजी अल्पकालिक साबित हुई। तीन दिन की बढ़त के बाद बुधवार को आईटी शेयरों में भारी बिकवाली के चलते बाजार ने गिरावट दर्ज की। सेंसेक्स 756.84 अंक गिरकर 78,516.49 पर और निफ्टी 198.50 अंक की गिरावट के साथ 24,378.10 पर बंद हुआ। गुरुवार को गिरावट और तेज हो गई, जब अमेरिका-ईरान वार्ता में गतिरोध के कारण कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं। विदेशी निधियों की निकासी और एशियाई बाजारों में कमजोर रुझानों ने भी भारतीय बाजारों पर दबाव डाला। सेंसेक्स 852.49 अंक (1.09 फीसदी) टूटकर 77,664 अंक पर और निफ्टी 205.05 अंक (0.84 फीसदी) नीचे 24,173.05 अंक पर रहा। यह दोनों सूचकांकों का 13 अप्रैल के बाद का 10 दिन का निचला स्तर था, जिससे ऑटो, बैंकिंग और आईटी जैसे प्रमुख सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा। वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोरी और अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने की बातचीत ठप रहने से कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, जिसने निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दीं। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 330 अंक और निफ्टी 93.3 अंक तक गिर गया। अंततः, 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 982.71 अंक गिरकर 76,681.29 अंक पर बंद हुआ। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 275.10 अंक टूटकर 23,897.95 अंक पर बंद हुआ। इस प्रकार पूरे हफ्ते में दोनों प्रमुख सूचकांकों में 2 से 2.5 फीसदी तक की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों का बढ़ता दबाव आगामी सप्ताहों में भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सतीश मोरे/25अप्रैल ---