- बुकिंग नियमों की अस्पष्टता और बढ़ती मांग ने बढ़ाई मुश्किलें नई दिल्ली (ईएमएस)। देशभर में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत और डिलीवरी में देरी ने उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों में लोग समय पर गैस न मिलने से परेशान हैं, जबकि बुकिंग नियमों की अस्पष्टता और शादी के सीजन की बढ़ती मांग ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। सरकार की कोशिशों के बावजूद सोशल मीडिया पर भी उपभोक्ताओं की नाराजगी साफ दिख रही है। सरकार ने शहरी क्षेत्रों में सिलेंडर बुकिंग के लिए 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन की समय-सीमा तय की है। हालांकि, गैस कंपनियां अगली बुकिंग की तारीख को सप्लाई की तारीख से जोड़ रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं को 7-10 दिन का अतिरिक्त इंतजार करना पड़ रहा है। इस प्रक्रिया ने डिलीवरी को और धीमा कर दिया है। उत्तर प्रदेश के रायबरेली, बस्ती, कानपुर और प्रयागराज जैसे जिलों में सिलेंडर की भारी किल्लत और डिलीवरी में देरी की शिकायतें आम हैं। शादी के सीजन के कारण कॉमर्शियल सिलेंडरों की मांग तेजी से बढ़ी है, लेकिन आपूर्ति सीमित है। प्रयागराज में कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत सुरक्षा राशि सहित 4,600 रुपये से अधिक हो गई है। बिहार के पटना सहित कई इलाकों में बड़ी संख्या में बुकिंग लंबित हैं, जिसके मद्देनजर कुछ जगहों पर राशन दुकानों के माध्यम से कोयले की आपूर्ति शुरू की गई है। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच गैस की कमी ने हालात बदतर कर दिए हैं। भोपाल में लोग घंटों लाइनों में खड़े रहने को मजबूर हैं, जबकि मैहर में विरोध प्रदर्शनों के चलते सड़कों को जाम कर दिया गया। राजस्थान में शादियों के लिए सिलेंडर लेने हेतु आवेदन के साथ शादी का कार्ड जमा करने जैसी अतिरिक्त औपचारिकताएं लागू की गई हैं, साथ ही लकड़ी और कोयले के इस्तेमाल की सलाह भी दी जा रही है। सतीश मोरे/25अप्रैल ---