- ड्रेस कोड-लाइसेंस पर मिली मोहलत बिलासपुर (ईएमएस)। ई-रिक्शा चालकों की समस्याओं को लेकर शुक्रवार को शहर की सियासत और सडक़ दोनों एक साथ नजर आए। कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास, प्रमोद नायक और अभय नारायण राय बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालकों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और ड्रेस कोड व लाइसेंस से जुड़े नियमों पर राहत की मांग उठाई। नेताओं ने चालकों की ओर से प्रशासन को बताया कि अचानक लागू किए गए नियमों के चलते कई लोग दस्तावेज और ड्रेस कोड की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो रहा है। सैकड़ों चालकों के साथ पहुंचा प्रतिनिधिमंडल कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालक एसपी ऑफिस पहुंचे। यहां चालकों ने अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि वे नियमों का पालन करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें इसके लिए पर्याप्त समय और सुविधा मिलनी चाहिए। चालकों का कहना था कि ड्रेस कोड, लाइसेंस और अन्य दस्तावेज तैयार कराने में समय और खर्च दोनों लग रहे हैं, जिसे तत्काल पूरा करना संभव नहीं है। प्रशासन के आदेश और बढ़ती सख्ती शहर में ई-रिक्शा संचालन को लेकर पहले ही सख्ती शुरू हो चुकी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने 25 अप्रैल तक सभी चालकों को ड्रेस कोड और जरूरी दस्तावेज रखने के निर्देश दिए थे। हालांकि, चालकों की मांग और बढ़ते दबाव के बाद प्रशासन ने अंतिम तिथि बढ़ाकर 5 मई 2026 कर दी है। ट्रैफिक और शिकायतों का दबाव पुलिस के मुताबिक, शहर में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या के साथ ट्रैफिक अव्यवस्था की शिकायतें भी बढ़ी हैं। बीच सडक़ पर वाहन खड़ा करना बिना नियमों के सवारी उठाना नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना इन मुद्दों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, जिसके चलते प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन के सामने यह पक्ष रखा कि ई-रिक्शा चालक शहर के निम्न और मध्यम वर्ग से आते हैं, जिनकी आजीविका इसी पर निर्भर है। उन्होंने नियमों के पालन के साथ-साथ चालकों को पर्याप्त समय और सहयोग देने की बात कही। मनोज राज 25 अप्रैल 2026