-जिला सर्किल जेल में दिव्यांगता परीक्षण, प्रमाण पत्र एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर हुआ आयोजित - आयुक्त ने दिया सुझाव- शिवपुरी सर्किल जेल को पहली दिव्यांगजन फ्रेंडली जेल के रूप में विकसित किया जाए शिवपुरी (ईएमएस) ।मध्यप्रदेश शासन की पहल पर प्रदेश की समस्त जेलों में बंदियों का दिव्यांगता परीक्षण कराया जा रहा है, जिससे दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की मूल भावना—समानता, गरिमा एवं सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार—सुनिश्चित किया जा सके। इसी क्रम में मप्र के राज्यपाल महोदय के निर्देशानुसार शुक्रवार को जिला सर्किल जेल शिवपुरी में दिव्यांगता परीक्षण, दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आयुक्त दिव्यांगजन मध्यप्रदेश डॉ. अजय खेमरिया तथा विशिष्ट अतिथि दीपक गोयल, सदस्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड मध्यप्रदेश रहे। इस अवसर पर डॉ. अजय खेमरिया ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार दिव्यांगजनों के हित में निरंतर कार्य कर रही हैं। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 का उद्देश्य दिव्यांगजनों को संरक्षण, समानता, गरिमा एवं सम्मान प्रदान करना तथा उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करना है। उन्होंने बताया कि जेलों में बंद कई दिव्यांग बंदी अब तक प्रमाण पत्र के अभाव में योजनाओं से वंचित थे, जिन्हें अब इस अभियान के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य विभाग एवं डीडीआरसी को निर्देश दिए कि प्रत्येक माह नियमित रूप से ऐसे शिविर आयोजित किए जाएं। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रदेश की प्रत्येक जेल में दिव्यांग फ्रेंडली बैरक बनाई जाए तथा शिवपुरी सर्किल जेल को मध्यप्रदेश की पहली दिव्यांगजन फ्रेंडली जेल के रूप में विकसित किया जाए। जेल अधीक्षक रमेश चंद्र आर्य ने बताया कि सर्किल जेल शिवपुरी में दिव्यांग बंदियों के लिए विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही उन्हें स्वरोजगार हेतु कारपेंटर कार्य, सीएफएल बल्ब निर्माण, मोटर वाइंडिंग एवं जैकेट निर्माण जैसे प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, जिससे वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. बी.एल. यादव ने बताया कि जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने से दिव्यांगजनों के प्रमाण पत्र एवं सर्जरी कार्य अब आसानी से किए जा सकेंगे। शिविर में कुल 357 बंदियों में से 27 बंदियों का दिव्यांगता परीक्षण किया गया, जिनमें पात्र बंदियों का चयन मेडिकल बोर्ड द्वारा प्रमाण पत्र हेतु किया गया। साथ ही डीडीआरसी टीम द्वारा चयनित बंदियों को व्हीलचेयर, कमोड चेयर एवं श्रवण यंत्र जैसे सहायक उपकरण सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा तत्काल प्रदान किए गए। इस अवसर पर किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य रंजीत गुप्ता, पत्रकार केबी शर्मा, जिला चिकित्सालय से आए चिकित्सकों की टीम, उप जेल अधीक्षक राम शिरोमणि पांडे, सहायक जेल अधीक्षक उपेंद्र मिश्रा, डॉ. जलज शर्मा, रामगोपाल राय सहित जेल प्रशासन, उपसंचालक सामाजिक न्याय सुश्री नम्रता गुप्ता, जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र शिवपुरी के डॉ. दयाल सिंह राजपूत, फिजियोथैरेपिस्ट, विकास शर्मा सीनियर पीएण्डओ, रंजीत सिंह करोसिया ऑडियोलॉजिस्ट, संजय कंसोटिया पीएण्डओ, संजीव भार्गव, रामेश्वर शर्मा, सामाजिक न्याय विभाग के उदय सिंह राजपूत, अरुण सिंह जाटव, कमल केवट, सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। रंजीत गुप्ता, २५ अप्रैल, २०२६