- तीन स्तरों पर जांच के बाद मिला प्रवेश गुना (ईएमएस) । प्रशासनिक सेवा में भविष्य तलाश रहे युवाओं के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। रविवार सुबह 10 बजे से जिले के पांच परीक्षा केंद्रों पर MPPSC-2026 की प्रारंभिक परीक्षा शुरू हो गई है। इस परीक्षा में गुना जिले के कुल 2,170 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। प्रशासन ने परीक्षा की पारदर्शिता और शुचिता सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व थ्री-लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू की है, जिसकी वजह से केंद्रों पर सुबह 8 बजे से ही परीक्षार्थियों की लंबी कतारें नजर आने लगी थीं। वर्तमान में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी शेखर वर्मा की निगरानी में परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हो रही है। सुरक्षा के कड़े मानकों के तहत परीक्षार्थियों को तीन अलग-अलग चरणों की जांच से गुजरना पड़ा। पहले चरण में परीक्षार्थियों के बैग और अन्य सामान जमा कराए गए, जिन पर पहचान के लिए रोल नंबर लिखे गए। दूसरे चरण में बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से फोटो और आंखों की स्कैनिंग की गई, ताकि फर्जीवाड़े की गुंजाइश न रहे। अंतिम चरण में मेटल डिटेक्टर से गहन तलाशी लेने के बाद ही अभ्यर्थियों को कक्ष के भीतर जाने दिया गया। सुरक्षा के लिहाज से जूते, घड़ी, पानी की बोतल और किसी भी प्रकार के गहने पहनकर अंदर जाने पर सख्त पाबंदी रही, जिसके कारण परीक्षार्थियों को जूते केंद्र के बाहर ही उतारने पड़े। हालांकि, इन कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच परीक्षार्थियों को कुछ परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। चेकिंग की धीमी रफ्तार और बढ़ती गर्मी के कारण लाइन में लगे छात्र काफी परेशान दिखे। कुंभराज से आए परीक्षार्थी मनोज शर्मा ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होना अच्छी बात है, लेकिन चेकिंग में लगने वाला समय बहुत अधिक है। परीक्षार्थियों ने प्रशासन से मैनपावर बढ़ाने की मांग की है ताकि जांच प्रक्रिया में तेजी आए और उन्हें धूप में ज्यादा देर खड़ा न रहना पड़े। परीक्षा को लेकर छात्रों में भारी उत्साह और तैयारी का तालमेल देखने को मिला। अपना पहला प्रयास दे रहे आदित्य पलिया ने बताया कि पीएससी के लिए नियमित 8 से 10 घंटे की पढ़ाई और कॉन्सेप्ट क्लियर होना जरूरी है। वहीं, तीसरा अटेम्प्ट दे रही नीलू चंदेल ने कहा कि तैयारी के साथ-साथ पेपर का स्तर काफी मायने रखता है। बता दें कि शहर में पीजी कॉलेज, मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल, गांधी वोकेशनल कॉलेज, उत्कृष्ट विद्यालय और हायर सेकेंडरी स्कूल क्रमांक दो को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, जहाँ प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है। -सीताराम नाटानी