क्षेत्रीय
26-Apr-2026
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- कोर्ट ने अवार्ड राशि की जानकारी बुलवाई इन्दौर (ईएमएस) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की कोर्ट ने जमीन अधिग्रहण में किसानो को राहत देने के साथ प्रस्तावित 64 किमी लंबे पश्चिमी रिग रोड (बायपास) परियोजना में जिन किसानों ने याचिका नहीं दाखिल की उन्हें भी मुआवजा बांटने की अनुमति दे दी है। मुआवजा उन्हीं को दिया जाएगा, जिनकी जमीन अधिग्रहण के लिए अवॉर्ड पारित हो चुका है और उन्होंने कोर्ट में केस नहीं लगाया है। बता दें कि हाईकोर्ट में उक्त परियोजना को लेकर दायर 70 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के वकील ने मौखिक प्रार्थना की थी कि जिन लोगों का अवॉर्ड पारित हो गया है, उन्हें मुआवजा बांटने की अनुमति दी जाए। याचिका दायर करने वालों की ओर से वरिष्ठ अभिभाषक, पीयूष माथुर, एके सेठी, शेखर शर्मा ने इसका विरोध करते बार कहा कि कोर्ट के अंतरिम आदेश के चलते अभी अवॉर्ड पारित नहीं हुआ है, इसलिए मुआवजा कैसे बांटा जा सकता है। एनएचएआइ के वकीलों का कहना था कि अवॉर्ड पारित किया जा चुका है। कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए कहा कि यदि अवॉर्ड पारित हो चुका है तो जिन्होंने केस नहीं लगाया है, उन्हें मुआवजा दिया जा सकता है। एनएचएआइ व केंद्र सरकार 27 अप्रैल को सुनवाई पर पारित किए अवॉर्ड की कॉपी कोर्ट में पेश करे। अंतरिम आदेश में स्पष्ट है कि मुआवजा बांटा जाता है तो उससे केस दायर करने वालों के अधिकार प्रभावित नहीं होंगे। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को पूर्व में दिए स्टे को जारी रखा है। बता दें कि पीथमपुर से काली बिल्लौद, यशवंत सागर, उज्जैन रोड होते हुए एबी रोड तक प्रस्तावित रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण शुरू हो चुका है और इसके खिलाफ कॉलोनाइजर और प्लॉटधारकों ने याचिकाएं दायर की हुई हैं। आनंद पुरोहित/ 26 अप्रैल 2026