राष्ट्रीय
26-Apr-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। 32वें लाल बहादुर शास्त्री स्मृति व्याख्यान में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि हाल ही में खाड़ी युद्ध जैसी घटनाओं से साफ होता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जो कुछ भी होता है, उसका प्रभाव न केवल भारत और इंडोनेशिया के ऊर्जा बाजारों पर दिख सकता है, बल्कि नवंबर में अमेरिका में होने वाले चुनावों पर भी पड़ सकता है। पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि ये इसतरह के विश्व का संकेत है जो अपनी अपेक्षाओं को कम कर रहा है, अनिश्चित परिस्थितियों में अधिक सावधानी से आगे बढ़ना सीख रहा है। टैरिफ क्या हैं? टैरिफ पूरी तरह से लेन-देन संबंधी नैतिकता पर आधारित हैं। आप रूसी तेल खरीदना बंद कर दें, और मैं आपके टैरिफ कम कर दूंगा। आप ऐसा करते हैं, मैं 100 प्रतिशत टैरिफ लगा दूंगा। मैं न्यायपूर्ण रहूंगा यदि न्याय से मुझे लाभ होता है, तब यह नैतिकता नहीं है। पूर्व मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने कहा कि मुझे याद है कि मैं लाल बहादुर शास्त्री के आचरण से और विशेष रूप से उनके द्वारा दिल से दिए गए नारे जय जवान जय किसान से बहुत अधिक प्रभावित हुआ था। जब उन्होंने सत्ता संभाली, तब भारत के लिए बहुत कठिन समय था। 1965 का युद्ध चल रहा था और तब देश में खाद्य भंडार में भारी कमी थी। उन्होंने नैतिक नेतृत्व की नींव रखी। वे न केवल भारत के लिए बल्कि वैश्विक मानवता के लिए आदर्श थे। हर पीढ़ी लाल बहादुर शास्त्री के कार्यों और जीवन से प्रेरित हुई है। उन्होंने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि यदि हमें अपने युवाओं की रक्षा करनी है, यदि हमें समाज में व्याप्त लैंगिक हिंसा से महिलाओं की रक्षा करनी है, यदि हमें राष्ट्र के भविष्य की रक्षा करनी है, तब ऐसा कानून होना चाहिए जो इंटरनेट पर दिखाई जाने वाली सामग्री पर कुछ नियंत्रण रखे। हमारे देश के युवा यौन हिंसा और अश्लील सामग्री के संपर्क में आ रहे हैं, और अब समय आ गया है कि हम एक राष्ट्र के रूप में हस्तक्षेप करें। आशीष दुबे / 26 अप्रैल 2026