हजारीबाग(ईएमएस)।राज्य के हजारीबाग जिला में झारखंड-बिहार सीमा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क चौपारण प्रखंड में दनुआ घाटी इन दिनों दुर्घटना जोन बन गया है।जिला प्रशासन के लाख सुरक्षा उपाय के बावजूद दुर्घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है।आए दिन हो रही दुर्घटनाओं में असमय लोगों की मौत से जिला प्रशासन ही नहीं राज्य सरकार को भी झकझोर दिया है। मामला शनिवार यानी 25 अप्रैल को देखा जाए तो दुर्घटना में पांच से अधिक लोगों की मौत हो गई।इसमें बच्चे भी शामिल हैं।एक ही परिवार के लोगों की मौत ने जिला प्रशासन का कान खड़ा किया है। रविवार यानी 26 अप्रैल को एसपी अमन कुमार, डीटीओ बैद्यनाथ कामती सहित संबंधित विभाग की टीम ने दनुआ घाटी पहुंचकर दुर्घटनाओं के कारणों का जायजा लिया है।जांच दल के अधिकारियों ने सुरक्षा मानक को सख्त करने का निर्णय लिया है। भविष्य में दुर्घटनाओं को हर कीमत पर रोकने के लिए ठोस उपायों पर काम शुरू किया गया है। जांच दल में मौजूद विशेषज्ञों की टीम ने दुर्घटनाओं के कारणों की जांच पड़ताल की है। इसके रोकथाम के उपायों पर विचार विमर्श किया गया है। जांच टीम में मोटरयान निरीक्षक विजय गौतम, बिरसू सिंह, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के डिप्टी मैनेजर राहुल कुमार, इंजीनियर मुकेश कुमार के आलावा सड़क सुरक्षा टीम के सदस्य मौजूद थे।जांच में पाया गया कि दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण सड़कों पर तेज रफ्तार और लापरवाही से लोग गाड़ी चला रहे हैं।सड़क पर चलते समय एक लेन का पालन नहीं किया गया है।इस पर एसपी ने सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए एनएचआई अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है।एसपी ने कहा इस क्षेत्र में सिंगल लेन व्यवस्था कड़ाई से लागू रहेगा।सड़क किनारे जगह जगह पर साइन बोर्ड और चेतावनी जैसे दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में यात्रियों की सतर्कता हेतु अधिक से अधिक संख्या में साइन बोर्ड और चेतावनी बोर्ड लगाने का निर्देश दिया गया है। एसपी ने कहा जान-माल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।दनुआ घाटी के खतरनाक मोड़ों पर तकनीकी सुधार के साथ-साथ प्रवर्तन को सख्त किया जाएगा। एनएचएआई को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सड़क सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए। उन्होंने आम नागरिकों से अपील किया है कि घाटी क्षेत्र में वाहन चलाते समय गति सीमा का पालन करें और सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक रहें। कर्मवीर सिंह/26अप्रैल/26