राज्य
26-Apr-2026


गुमला(ईएमएस)।गुमला जिला अंतर्गत पालकोट प्रखंड की कुलूकेरा पंचायत अंतर्गत सिंजाग उपरघाट, कुसमाजोर, कहुपानी और लड़ाईबेड़ा जैसे सुदूरवर्ती गांवों की स्थिति आज भी बदहाल है। प्रखंड मुख्यालय से लगभग 18 किलोमीटर दूर स्थित इन गांवों के ग्रामीणों ने रविवार को एक सामूहिक बैठक कर अपनी मूलभूत समस्याओं को साझा किया।ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग और प्रशासनिक उदासीनता के कारण वे आज भी आदिम युग जैसी परिस्थितियों में जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव तक पहुंचने के लिए आज तक पक्की सड़क नहीं बनी है। लोग जंगल-झाड़ और उबड़-खाबड़ रास्तों से होकर आवागमन करते हैं।सड़क के अभाव में यदि कोई बीमार पड़ जाये तो उसे खटिया पर लादकर अस्पताल ले जाना पड़ता है।पेयजल की स्थिति भी भयावह है, गांव में जलमीनार का काम अधूरा पड़ा है, जिससे मजबूरन ग्रामीण नदी-नाले का पानी पी रहे हैं।बिजली की समस्या पर बोलते हुए ग्रामीणों ने कहा कि ट्रांसफार्मर महीनों से जला हुआ है, लेकिन विभाग सूचना के बाद भी सुध नहीं ले रहा। इस गंभीर समस्या पर गांव के लोगों ने अपने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उपरघाट निवासी नंदलाल नगेसिया ने कहा कि हमारे गांव की सबसे बड़ी समस्या सड़क की है।आवागमन के साधन न होने के साथ-साथ पीने के लिए कुआं या तालाब भी नहीं है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में हमें बहुत तकलीफ झेलनी पड़ती है। प्रशासन से मांग है कि हमारी मूलभूत समस्याओं के निदान के लिये सार्थक पहल करें।कहुपानी निवासी जोसेफ तिग्गा ने कहा है कि हमारे गांव की करीब तीन सौ की आबादी आज भी सरकारी सुविधाओं से वंचित है।आवागमन का कोई रास्ता नहीं होने से बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। सरकार से हमारी गुहार है कि विकास योजनाओं को हमारे गांव तक पहुंचाकर हमें इस बदहाली से निकालें।कुसमाजोर निवासी बसंती देवी ने कहा कि गांव में न बिजली है और न ही सड़क, स्थिति इतनी खराब है कि किसी के बीमार होने पर उसे खटिया पर लादकर अस्पताल ले जाना पड़ता है।इलाज के लिये शहर तक पहुंचने में हमें भारी मुसीबत का सामना करना पड़ता है। प्रशासन हमपर ध्यान दे।उपरघाट निवासी नागमनी देवी ने कहा कि बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी चीजों के लिये हमें हर दिन संघर्ष करना पड़ रहा है। हम प्रशासन और सरकार से इन मूलभूत समस्याओं के जल्द से जल्द समाधान की मांग करते हैं ताकि हमारे गांव के लोग जो वर्षो से परेशान हैं। कर्मवीर सिंह/26अप्रैल/26