क्षेत्रीय
26-Apr-2026


दमोह (ईएमएस) । प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने आज दमोह, जटाशंकर स्थित कार्यालय में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ जिले की सिंचाई परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में पंचमनगर, सीतानगर, साजली, जूड़ी एवं सतधारू परियोजना की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाओं के कार्यों में तीव्रता लाई जाए तथा किसानों के खेतों तक शीघ्रातिशीघ्र सिंचाई हेतु जल पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। दमोह के किसानों की समृद्धि हमारी प्राथमिकता है, बैठक में चल रही योजनाओं की प्रगति, शेष कार्यों तथा आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। राज्यमंत्री श्री पटेल कहा, पंचमनगर क्षेत्र में पाइपलाइन को सीधे खेतों तक पहुँचाने का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है। माइक्रो-पाइपलाइन के माध्यम से प्रत्येक ढाई एकड़ पर एक जल बिंदु उपलब्ध कराने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में अभी तक पानी नहीं पहुँचा है, वहाँ कार्य में तेजी लाई जाए। दमोह और पथरिया विधानसभा के ऐसे गाँव, जहाँ अभी सिंचाई सुविधा नहीं पहुँच पाई है, उनके लिए नई योजनाओं पर भी चर्चा करते हुए राज्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन गाँवों को प्राथमिकता में रखते हुए शीघ्र कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा घोषित सेमरखो एवं दुनय धाम परियोजना को लेकर भी समीक्षा की। इन योजनाओं से दमोह के लगभग 53 तथा पथरिया के 40-45 गाँवों सहित 100 से अधिक गाँवों को सिंचाई सुविधा मिलने की संभावना है, बैठक में पुराने स्टॉप डैम की क्षमता बढ़ाने पर भी सहमति बनी। राज्यमंत्री श्री पटेल ने बताया, डैम की ऊँचाई बढ़ाने से अधिक पानी संग्रहित होगा, जिससे सिंचित क्षेत्र (रकबा) में वृद्धि होगी। साथ ही बड़े पुल बनने से आवागमन प्रभावित नहीं होगा और बैकवाटर के माध्यम से आसपास के नालों तक भी पानी पहुँचेगा। राज्यमंत्री श्री पटेल ने निर्देश दिए कि जून तक अधिकतम पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन गाँवों में आंशिक रूप से पानी पहुँच रहा है, वहाँ की समस्याओं को प्राथमिकता से हल किया जाए ताकि हर किसान को समान रूप से लाभ मिल सके। बैठक में यह भी तय किया गया कि जिन स्थानों पर तकनीकी या अन्य बाधाएँ आ रही हैं, उन्हें चिन्हित कर तुरंत समाधान किया जाए। राज्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होने कहा, समीक्षा बैठक में लिए गए निर्णयों से स्पष्ट है कि सरकार का मुख्य फोकस हर खेत तक पानी पहुँचाने और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने पर है, जिससे किसानों की उत्पादन क्षमता और आय में वृद्धि हो सके। ईएमएस / 26 अप्रैल 2026