क्षेत्रीय
26-Apr-2026
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दमोह (ईएमएस)। शहर फुटेरा वार्ड नंबर 4 नरसिंह मंदिर के पास में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ( 23 अप्रैल से 29 अप्रैल) के चतुर्थ दिवस पर कथा व्यास परम पूज्य संत श्री राघव जी महाराज (श्री अयोध्या धाम) ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का अत्यंत भावपूर्ण एवं मनोहारी वृतांत प्रस्तुत किया। कथा पांडाल में उपस्थित श्रद्धालु भक्तगण भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग को सुनकर भाव-विभोर हो उठे।कथा के दौरान कथा व्यास परम पूज्य संत श्री राघव जी महाराज ने बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और अत्याचार बढ़ता है, तब-तब भगवान स्वयं अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। कंस के अत्याचारों से त्रस्त पृथ्वी को मुक्त कराने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने मथुरा में जन्म लिया। उन्होंने वासुदेव और देवकी के कारागार में प्रकट होकर संपूर्ण सृष्टि को यह संदेश दिया कि सत्य और धर्म की सदैव विजय होती है।कथा में श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग अत्यंत भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। जैसे ही भगवान के जन्म की घड़ी आई, पूरे पांडाल में “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारे गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने खड़े होकर तालियों और भजनों के साथ भगवान का स्वागत किया। इस दौरान झांकी सजाई गई और पुष्प वर्षा कर जन्मोत्सव को भव्य रूप दिया गया। कथा व्यास परम पूज्य संत श्री राघव जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्म और भक्ति का मार्ग दिखाता है। उनके आदर्शों को अपनाकर ही हम अपने जीवन को सफल बना सकते हैं।कार्यक्रम में मुख्य यजमान श्रीमती श्री - श्री राम कुमार तिवारी, तिवारी परिवार एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और कथा का श्रवण कर धर्म लाभ अर्जित किया। आयोजन समिति द्वारा सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की गईं। ईएमएस / 26/04/2026