-आने-जाने व्यक्ति व कागजातों की जांच के बाद ही भारतीय सीमा में दिया जा रहा प्रवेश रक्सौल,(ईएमएस)। बिहार में मोतिहारी जिले में भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी घुसपैठ की आशंका के बाद हाई अलर्ट जारी कर दिया है। खुफिया विभाग की गोपनीय रिपोर्ट के मुताबिक रक्सौल बॉर्डर के रास्ते 11 संदिग्ध अपराधी या आतंकी तत्वों के नेपाल के रास्ते भारतीय सीमा में दाखिल होने की सूचना दी। इनपुट के मिलते ही बिहार पुलिस मुख्यालय और सशस्त्र सीमा बल ने सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया और गश्त बढ़ा दी है। नेपाल से आने-जाने वाले हर व्यक्ति की जांच की जा रही है। उनके कागजातों की पूरी जांच के बाद ही भारतीय सीमा में प्रवेश दिया जा रहा है। बता दें बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में स्थित रक्सौल भारत-नेपाल के बीच व्यापार का मुख्य केंद्र है। वहां अब हर आने-जाने वाले की गहन जांच की जा रही है। रक्सौल थानाध्यक्ष और डीएसपी के नेतृत्व में मैत्री पुल पर विशेष नाकाबंदी की गई है। नेपाल से आने वाले हर व्यक्ति के पहचान पत्र, नागरिकता प्रमाण और अन्य दस्तावेजों का बारीकी से सत्यापन किया जा रहा है। संदिग्धों की तलाश में मेटल डिटेक्टर और स्निफर डॉग्स की मदद ली जा रही है। घुसपैठ की सूचना के बाद बिहार पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को एक विशेष एसओपी जारी किया है। इसके तहत सीमावर्ती जिलों के होटलों, लॉज, धर्मशालाओं और मुसाफिरखानों की सघन जांच के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को आदेश है कि पिछले कुछ दिनों में ठहरे विदेशी नागरिकों और संदिग्ध व्यक्तियों का डेटा तुरंत खंगाला जाए। बताया जा रहा है कि सुरक्षा का घेरा केवल सीमा तक सीमित नहीं है। रक्सौल जंक्शन, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सीसीटीवी कैमरों के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि ये 11 संदिग्ध किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए राज्य के अलग-अलग हिस्सों में फैल सकते हैं, जिसे देखते हुए एनएच स्थित टोल प्लाजा पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। बता दें हाल ही में बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी विनय कुमार ने रक्सौल पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। उन्होंने साफ किया कि सीमा सुरक्षा में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ‘वाइब्रेंट विलेज’ कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है ताकि वे किसी भी अजनबी या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें। फिलहाल पूरी सीमा पर एसएसबी की 47वीं और 71वीं बटालियन हाई अलर्ट मोड पर हैं। सिराज/ईएमएस 27अप्रैल26