राष्ट्रीय
27-Apr-2026


-सच सामने आया तो सब हैरान, मासूम के अपहरण व हत्या का निकला फरार आरोपी गाजियाबाद,(ईएमएस)। मासूम के अपहरण, हत्या के मामले में सजायाफ्ता और करीब ढाई दशक तक फरार रहा आरोपी अब हर दिन नए-नए खुलासे कर रहा है। फिल्मों जैसी इस कहानी में एक ऐसी जानकारी सामने आई है जिसने पुलिस को चौंका दिया है। पता चला है हमले के बाद सुर्खियों में आए सलीम वास्तिक की जिंदगी पर फिल्म बनाने की तैयारी चल रही थी और इसके लिए उसे 15 लाख रुपए एडवांस भी दिए जा चुके थे। एक तरफ जहां वास्तिक को लेकर 25 साल तक पुलिस से बचता रहा, वहीं दूसरी तरफ वह सोशल मीडिया पर खुद को एक चर्चित चेहरा बनाकर खुलेआम जिंदगी जी रहा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सलीम वास्तिक से एक बॉलीवुड फिल्म निर्माता ने संपर्क किया था। मकसद था उसकी जिंदगी को बड़े पर्दे पर उतारना। बताया जा रहा है कि इस कहानी में कई ऐसे पहलू थे, जो फिल्मी दुनिया के लिए आकर्षक माने जाते हैं। खासकर वह घटना, जिसमें उस पर जानलेवा हमला हुआ था, इस कहानी का अहम हिस्सा बन चुकी थी। दरअसल सलीम खुद को मुस्लिम विरोधी बताया है। उसके इन वीडियो को लेकर कुछ लोगों में नाराजगी थी। इसी नाराजगी के चलते उस पर हमला किया गया था। हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ चाकुओं से वार किए। बताया जाता है कि उसे करीब 14 बार चाकू मारे गए, लेकिन वह किसी तरह बच गया। इस घटना के बाद यूपी पुलिस ने दोनों हमलावरों को मुठभेड़ में मार गिराया था। यही घटना सलीम की जिंदगी को एक अलग पहचान दिलाने का कारण बनी। पुलिस के मुताबिक इसके बाद एक फिल्म निर्माता की नजर उस पर पड़ी और उसकी कहानी को फिल्म में बदलने की योजना बनाई। शुरुआती बातचीत भी हो चुकी थी और सलीम को 15 लाख रुपए एडवांस के तौर पर दिए गए थे। हालांकि, अब पुलिस इस एंगल की भी जांच कर रही है कि यह कहानी कितनी सच्ची है और कहीं इसे जानबूझकर फिल्मी रूप देने के लिए बढ़ा-चढ़ाकर तो पेश नहीं किया गया। इधर, सलीम के खिलाफ फर्जीवाड़े का मामला दर्ज करने की भी तैयारी चल रही है। आरोप है कि उसने अपनी असली पहचान छिपाने के लिए नकली दस्तावेज तैयार किए और अलग-अलग नामों से रहकर पुलिस को लगातार चकमा देता रहा। फरारी के दौरान उसने सोशल मीडिया का सहारा लिया और ‘सलीम वास्तिक 0007’ नाम से अपनी एक अलग पहचान बना ली। यूट्यूब पर सक्रिय रहते हुए उसने बड़ी संख्या में फॉलोअर्स भी जुटा लिए थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि सलीम का जन्म 1972 में उत्तर प्रदेश के शामली जिले के नानूपुरा मोहल्ले में हुआ था। शुरुआती जीवन में उसने मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग ली थी। वह शाओलिन कुंग फू में प्रशिक्षित था और दिल्ली के दरियागंज स्थित एक स्कूल में मार्शल आर्ट्स इंस्ट्रक्टर के रूप में काम भी कर चुका था। इसके साथ ही उसने मुस्तफाबाद इलाके में जैकेट सप्लाई का कारोबार शुरू किया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात अनिल से हुई, जिसने उसे अपराध की दुनिया की ओर धकेल दिया। धीरे-धीरे वह आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया और फिर एक मासूम के अपहरण व हत्या के मामले में उसे सजा हुई। जेल से पेरौल पर बाहर आने के बाद से वह फरार हो गया था। इसके बाद करीब 25-26 साल तक वह पुलिस से बचता रहा। सिराज/ईएमएस 27अप्रैल26