राज्य
28-Apr-2026


गुमला(ईएमएस)।आठ वर्षों से लापता किशोरी के बहुचर्चित मामले में अब पुलिस ने नई ऊर्जा के साथ जांच को दोबारा शुरू कर दिया है। मंगलवार को एसपी कार्यालय सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में चैनपुर एसडीपीओ श्रुति अग्रवाल ने बताया कि डीजीपी के निर्देश और हाईकोर्ट की सख्ती के बाद इस केस को ‘री-ओपन’ कर हर पहलू की गहराई से पड़ताल की जा रही है। एसडीपीओ ने बताया कि जांच को गति देने के लिए अब तक दो दर्जन से अधिक संदिग्धों को बुलाकर मैराथन पूछताछ की जा चुकी है। खोरा जामटोली सहित आसपास के गांवों के लोगों से एक-एक कर पूछताछ जारी है।ताकि कोई भी कड़ी छूटने न पाये।साथ ही, पुराने केस डायरी और दस्तावेजों को भी फिर से खंगाला जा रहा है। जांच को मजबूती देने के लिए पूर्व अनुसंधान पदाधिकारियों को भी इस अभियान में शामिल किया गया है।इससे पहले की जांच में छूटे पहलुओं को चिन्हित कर उन्हें स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। एसडीपीओ ने यह भी बताया कि पहले इस मामले में दिल्ली व गोवा समेत कई राज्यों में पुलिस टीम भेजी जा चुकी है, और अब एक बार फिर दिल्ली, जम्मू-कश्मीर सहित अन्य संभावित ठिकानों पर टीमें रवाना की जा रही है।प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने मीडिया की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अपील किया है कि अधिक से अधिक लोग इस मामले को साझा करें।ताकि दूसरे राज्यों से भी कोई ठोस जानकारी मिल सके। एसपी द्वारा घोषित इनाम की जानकारी भी व्यापक स्तर पर प्रसारित की जा रही है। हालांकि, जांच में कुछ तकनीकी बाधाएं भी सामने आयी हैं। एसडीपीओ के अनुसार, लापता किशोरी का आधार कार्ड नहीं बना था।जिससे उसकी पहचान और ट्रैकिंग में दिक्कतें आयी।वहीं, उसकी मां के पुराने मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकालने की कोशिश भी की गयी।लेकिन दो साल से अधिक पुराने रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हो सके।पुलिस का दावा है कि इस बार जांच को तार्किक अंजाम तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं और जल्द ही इस लंबे समय से उलझे मामले में ठोस परिणाम सामने लाने की दिशा में काम जारी है। कर्मवीर सिंह/28अप्रैल/26