राज्य
28-Apr-2026


जिले में स्वास्थ्य सेवाएं हों सुदृढ़, हर मरीज को मिले समुचित इलाज - कलेक्टर जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित सीहोर (ईएमएस)1 कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में विकासखण्डवार स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रमों एवं योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन बेहतर और प्रभावी ढंग से किया जाए, ताकि प्रत्येक बीमार व्यक्ति को समय पर और समुचित इलाज मिल सके। कलेक्टर ने विशेष रूप से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी गर्भवती महिला या शिशु की मृत्यु अत्यंत दुखद और पीड़ादायक होती है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं तथा समय पर उपचार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं की प्रगति केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका प्रभाव धरातल पर भी स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। उन्होंने बैठक में निर्देशित किया कि मां और बच्चे के पोषण में किसी प्रकार की कमी न हो। इसके लिए आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। कलेक्टर ने कहा कि आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नियमित रूप से गर्भवती महिलाओं और बच्चों की जांच करें तथा उनका निरंतर फॉलोअप सुनिश्चित करें। यदि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या या गिरावट दिखाई दे, तो तत्काल को नजदीकी चिकित्सालय पहुंचाया जाए। कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने फील्ड अमले को भी सख्त निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से गांवों का भ्रमण करें और जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार लाना प्राथमिकता होनी चाहिए। कलेक्टर ने सभी चिकित्सा अधिकारियों और फील्ड स्टॉफ को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय से कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि शासन की सभी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार ही जिले के समग्र विकास का आधार है। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में संचालित प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच, टीकाकरण, पोषण आहार एवं संस्थागत प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने का प्रयास किया जा रहा है। ईएमएस/विमल जैन / 28 अप्रैल 2026