पलामू(ईएमएस)।पलामू उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत द्वारा आज जिले में संचालित मध्याह्न भोजन योजना एवं समग्र शिक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने जिला शिक्षा अधीक्षक से योजना के संचालन एवं अन्य शैक्षणिक बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी प्राप्त की।उपायुक्त ने कहा कि शिक्षा उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने रोस्टर एवं निर्धारित मानकों के अनुसार बच्चों को नियमित रूप से मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने की स्थिति की समीक्षा की तथा जिले के सभी मध्याह्न भोजन संचालित विद्यालयों में रसोइयों की उपलब्धता की जानकारी ली। इस पर जिला शिक्षा अधीक्षक ने अवगत कराया कि सभी विद्यालयों में रसोइयों की संख्या पर्याप्त है।समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि विद्यालयों में बच्चों द्वारा मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता के मूल्यांकन हेतु वैल्यूएशन चार्ट अथवा फीडबैक प्रणाली विकसित की जाए, ताकि भोजन की गुणवत्ता की नियमित निगरानी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी बच्चों को स्वच्छ, पौष्टिक एवं निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा हाइजीन (स्वच्छता) का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी समय औचक निरीक्षण किया जा सकता है।उपायुक्त ने जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों, गणमान्य नागरिकों, पत्रकारों एवं मीडिया बंधुओं से अपील की कि सभी लोग मिलकर आगे आएं और ऐसे बच्चों को, जो किसी कारणवश नामांकन के पश्चात विद्यालय छोड़ चुके हैं, पुनः विद्यालय से जोड़ने में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षा में सकारात्मक बदलाव लाने हेतु प्रशासन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों, मीडिया एवं अभिभावकों की भी समान जिम्मेदारी है।स्कूल रुआर कार्यक्रम में अपेक्षित इंटरवेंशन नहीं होने पर उपायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक को निर्देश दिया कि वे अनिवार्य रूप से क्षेत्र भ्रमण करें तथा जनप्रतिनिधियों, गणमान्य व्यक्तियों एवं अभिभावकों से संवाद स्थापित कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।नामांकन के अनुरूप कवरेज कार्य संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उपायुक्त ने संबंधित बीपीओ को कार्य में सुधार लाने एवं गंभीरता से दायित्व निर्वहन करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने जिला शिक्षा अधीक्षक को निर्देश दिया कि प्रखंड विकास पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए प्रखंडवार स्टीयरिंग सह मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक प्रत्येक माह की 15 तारीख तक अनिवार्य रूप से संपन्न कराई जाए।उपायुक्त ने बच्चों के स्वास्थ्य जांच को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया तथा इसके लिए एक व्यवस्थित एक्सेल शीट में प्रतिवेदन संधारित करने को कहा, ताकि नियमित निगरानी एवं समीक्षा की जा सके।उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी प्रतिबद्धता एवं पारदर्शिता के साथ करें, जिससे जिले की शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित हो सके। कर्मवीर सिंह/28अप्रैल/26