:: वैज्ञानिकों ने सिखाए हाइब्रिड बीजों के चयन और कीट प्रबंधन के गुर, लॉन्ग कॉटन फाइबर की खेती पर विशेष जोर :: बड़वानी (ईएमएस)। खेती को अब केवल परंपरा तक सीमित न रखकर इसे लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में बड़वानी प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिले में मिर्च और कपास की पैदावार बढ़ाने और किसानों की आय में गुणात्मक वृद्धि करने के उद्देश्य से कृषि, किसान कल्याण एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कलेक्टर जयति सिंह की अध्यक्षता में हुई इस संगोष्ठी में जिले के 150 से अधिक प्रगतिशील किसान शामिल हुए, जिन्हें खेती की आधुनिक तकनीकें सीखने का मौका मिला। कार्यशाला में कपास अनुसंधान केंद्र खंडवा के डी.के. श्रीवास्तव, कृषि महाविद्यालय खंडवा के उद्यानिकी वैज्ञानिक नितिन सोनी और सायमा कॉटन के कंसल्टेंट दिनेश गुप्ता ने किसानों को तकनीकी सत्रों के माध्यम से समृद्ध किया। विशेषज्ञों ने विशेष रूप से मिर्च और कपास के आधुनिक प्रबंधन, उच्च पैदावार देने वाले हाइब्रिड बीजों के चुनाव और कीटों से फसल को बचाने के वैज्ञानिक तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। किसानों को यह भी समझाया गया कि कैसे ग्रेडिंग के माध्यम से वे अपनी उपज का बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त कर सकते हैं। कलेक्टर जयति सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करें। उन्होंने जिले में लॉन्ग और एक्स्ट्रा लॉन्ग कॉटन फाइबर की खेती को बढ़ावा देने की सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि खेती में मेहनत के साथ-साथ अब स्मार्टनेस की जरूरत है। उन्होंने न्यूमैटिक प्लांटर और क्रॉप हार्वेस्टर जैसे आधुनिक यंत्रों के उपयोग पर जोर दिया ताकि खेती की लागत कम हो सके और काम में तेजी आए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्थानीय किसानों को वैश्विक मानकों के अनुकूल फसल तैयार करने के लिए प्रेरित करना है। कलेक्टर ने कहा कि यदि किसान नवीनतम तकनीकों को अपनाते हैं, तो न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि वैश्विक बाजार में भी उनकी उपज की मांग बढ़ेगी। इस अवसर पर सहायक कलेक्टर माधव अग्रवाल, उप संचालक कृषि सहित विभाग के तमाम अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। प्रकाश/28 अप्रैल 2026