सेंसेक्स 417 अंक गिरा, निफ्टी 24000 के नीचे पहुंचा रुपया डॉलर के मुकाबले 41 पैसे टूटकर 94.56 पर आया नई दिल्ली(ईएमएस)। ईरान युद्ध को समाप्त करने की कूटनीतिक वार्ताओं में आई रुकावट का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों पर दिखने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद रहने से कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर से तेज उछाल आया है और वह 109 डॉलर क पार हो गया है। जिसके कारण मंगलवार को प्रमुख एशियाई शेयर बाजारों में सुस्ती और गिरावट का रुख देखने को मिला। वहीं रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 41 पैसे गिरकर 94.56 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 417 अंक नीचे बंद हुआ। निफ्टी 24 हजार अंक के नीचे। एक्सिस बैंक में 3 प्रतिशत और एचसीएल टेक में 2 प्रतिशत की गिरावट आई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 416.72 अंक गिरकर 76,886.91 पर बंद हुआ। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 97 अंक गिरकर 23,995.70 पर आ गया। मंगलवार को कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच विदेशी पूंजी के निरंतर बहिर्वाह के कारण निवेशकों की भावनाएं आहत हुईं, जिसके चलते रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 41 पैसे गिरकर 94.56 (अस्थायी) पर बंद हुआ। विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने कहा कि चालू खाता घाटे (सीए) में संभावित वृद्धि और अस्थिर पूंजी प्रवाह को ध्यान में रखते हुए, रुपया पहले ही काफी तेजी से कमजोर हो चुका है। इसके अलावा, विदेशी निधियों की लगातार निकासी ने रुपये पर दबाव डाला, क्योंकि इस साल अब तक एफआईआई ने भारतीय इक्विटी से 19 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि निकाल ली है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.35 पर खुला, फिर इसमें गिरावट आई और यह दिन के दौरान 94.58 के निचले स्तर पर पहुंच गया, और अंत में 94.56 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 41 पैसे की गिरावट है। सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले सिर्फ एक पैसे की बढ़त के साथ 94.15 पर बंद हुआ। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 109 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। बाजार में तेल की मजबूत डिमांड और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर चिंता बढ़ी है जिस वजह से ये तेजी आई है। हॉर्मुज को तेल की सप्लाई के लिए सबसे अहम रास्ता माना जाता है। इससे पहले 27 अप्रैल को शेयर बाजार में बढ़त रही थी। सेंसेक्स 639 अंक की तेजी के साथ 77,304 पर बंद हुआ था। निफ्टी में 195 अंक की बढ़त रही, ये 24,093 पर बंद हुआ था। विनोद उपाध्याय / 28 अप्रैल, 2026