ज़रा हटके
29-Apr-2026
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सैन जोस (ईएमएस)। तकरीबन 75 साल पहले मध्य अमेरिकी राष्ट्र कोस्टा रिका ने एक ऐसा क्रांतिकारी फैसला लिया जिसने इस छोटे से देश की तस्वीर पूरी तरह बदल दी। कोस्टा रिका ने अपनी पूरी सेना को खत्म कर दिया और सैन्य बजट का पैसा विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में लगाकर खुद को शांति और खुशहाली के स्वर्ग में बदल दिया। कोस्टा रिका ने अपनी सेना क्यों खत्म की? यह सवाल जितना सीधा लगता है, इसका जवाब उतना ही दिलचस्प है। अक्सर माना जाता है कि यह फैसला शांति के प्रति उनके प्रेम की वजह से लिया गया था, लेकिन इसके पीछे की असली वजह एक राजनीतिक डर था। 1948 में कोस्टा रिका के नेता जोस फिग्युरेस फेरर ने सेना खत्म करने का ऐलान किया। इसके पीछे मुख्य कारण कोई आदर्शवादी विचार नहीं, बल्कि एक कड़वी सच्चाई थी। फिग्युरेस जानते थे कि सेना अक्सर तख्तापलट करती है और अपनी सत्ता को किसी भी भविष्य के सैनिक विद्रोह से बचाने के लिए उन्होंने सबसे सीधा रास्ता चुना सेना को ही खत्म कर देना। 1917 के तख्तापलट के बाद से ही कोस्टा रिका की सेना कमजोर होने लगी थी, जिसका फायदा फिग्युरेस ने उठाया ताकि सेना दोबारा कभी राजनीति में दखल न दे सके। सेना को खत्म करने का एक बड़ा और सकारात्मक परिणाम यह हुआ कि रक्षा बजट का सारा पैसा देश के विकास में लगाया गया। सेना पर होने वाले खर्च को सार्वजनिक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा की ओर मोड़ दिया गया। आज कोस्टा रिका की गिनती अपने क्षेत्र के सबसे शिक्षित और स्वस्थ देशों में होती है, जिसका श्रेय इसी साहसिक फैसले को जाता है। जहां पड़ोसी देश गृहयुद्ध और सैन्य तानाशाही से जूझ रहे थे, वहीं कोस्टा रिका अपने बच्चों के लिए स्कूल और नागरिकों के लिए अस्पताल बनवा रहा था, जो उसकी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। बिना सेना के कोई देश सुरक्षित कैसे रह सकता है? कोस्टा रिका ने इसके लिए अंतरराष्ट्रीय संधियों का सहारा लिया। रियो संधि (1947) एक सुरक्षा समझौता था जिसके तहत अमेरिका और अन्य पड़ोसी देश किसी भी हमले की स्थिति में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध थे। इसके अलावा, ओएएस (अमरीकी राज्यों का संगठन) जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों पर भी कोस्टा रिका ने अपनी सुरक्षा के लिए अपनी सेना के बजाय भरोसा किया। यह एक बड़ी गलतफहमी है कि कोस्टा रिका के पास कोई सुरक्षा बल नहीं है। वहां स्थायी सेना नहीं है, लेकिन देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए पब्लिक सिक्योरिटी फोर्सेस मौजूद हैं। सुदामा/ईएमएस 29 अप्रैल 2026