क्षेत्रीय
29-Apr-2026
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नर्मदापुरम (ईएमएस)। प्राचार्य कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र, पवारखेड़ा में बुधवार को विभिन्न किसान संगठनों के सदस्यों के साथ किसान संगोष्ठी एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में जिले के प्रमुख किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और कृषि विभाग के अधिकारियों व वैज्ञानिकों के साथ सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में भारतीय किसान संघ, क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन, राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ, भारतीय किसान यूनियन और राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के सदस्य शामिल हुए। तकनीकी सत्र में कृषि महाविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक विनोद बेड़ा एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक के. के. मिश्रा ने किसानों को नरवाई प्रबंधन, फसल विविधीकरण, फसल उत्पादन बढ़ाने की तकनीक, नवीन फसल किस्मों और मूंग की फसल में लगने वाले प्रमुख रोग-कीटों के प्रबंधन पर विस्तृत जानकारी दी। किसानों ने ई-विकास प्रणाली से जुड़ी समस्याएं और डीएपी/यूरिया की किल्लत का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इस पर सहायक संचालक कृषि शैलेन्द्र राठौर ने ई-विकास पोर्टल पर लाइव खाद उपलब्धता की जानकारी साझा की और टोकन बुकिंग प्रक्रिया समझाई। उन्होंने किसानों को डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके, टीएसपी एवं एसएसपी जैसे फास्फेटिक उर्वरकों के उपयोग की सलाह भी दी। खाद्य विभाग के प्रतिनिधि ने गेहूं के स्लॉट बुक न हो पाने की समस्या को स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि सर्वर में आ रही तकनीकी दिक्कत अगले दो दिनों में ठीक कर ली जाएगी और किसानों को आश्वस्त किया कि आगामी 3 दिवसों में समस्या का पूर्ण समाधान कर दिया जाएगा। संगोष्ठी में उप संचालक कृषि, जिला विपणन अधिकारी, जिला खाद्य अधिकारी के प्रतिनिधि, उद्यानिकी विभाग और पशुपालन विभाग के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सभी विभागों ने अपनी योजनाओं की जानकारी दी और किसानों के सवालों के जवाब दिए। किसान संगठनों ने अधिकारियों के सहयोगी रवैये पर संतुष्टि जताई। विभिन्न ज्वलंत समस्याओं पर खुले संवाद के बाद संगोष्ठी का समापन सौहार्दपूर्ण माहौल में हुआ। ईएमएस/राजीव अग्रवाल/ 29 अप्रैल 2026