मुम्बई (ईएमएस)। महाराष्ट्र में आगामी विधान परिषद चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाड़ी (एमवीए) में एक बार फिर दरार खुलकर सामने आ गई है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) ने सहयोगी दलों से चर्चा किए बिना पूर्व विधान परिषद नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे को एमवीए का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया। इस फैसले के बाद कांग्रेस ने नाराजगी जताई है। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया पर घोषणा करते हुए कहा कि अंबादास दानवे एमवीए उम्मीदवार होंगे और गुरुवार को नामांकन दाखिल करेंगे। इस ऐलान के बाद कांग्रेस नेताओं ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) ने इस फैसले पर कोई चर्चा नहीं की। कांग्रेस पहले ही स्पष्ट कर चुकी थी कि यदि एमवीए की ओर से उम्मीदवार खुद उद्धव ठाकरे होते, तो पार्टी उनका समर्थन करती। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यह सीट यूबीटी लेती है तो कांग्रेस आगामी राज्यसभा सीट नहीं छोड़ेगी। कांग्रेस का कहना है कि शरद पवार के नाम पर पहले सर्वसम्मति बनी थी और इसी तरह उद्धव ठाकरे के नाम पर भी सहमति बनने की उम्मीद थी। ऐसे में अचानक दानवे के नाम की घोषणा से असंतोष बढ़ गया है। वहीं एनसीपी (शरद पवार गुट) ने दोनों सहयोगियों से बातचीत कर गठबंधन बचाने की बात कही है। रोहित पवार ने कहा कि ऐसा फैसला लिया जाएगा जो सभी दलों के हित में हो। इस घटनाक्रम ने एमवीए की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुबोध/२९ -०४-२०२६