*जिला पंचायत सामान्य सभा में विकास कार्यों की गहन समीक्षा* दमोह, (ईएमएस)। जिला पंचायत कार्यालय के सभा कक्ष में जिला पंचायत की सामान्य सभा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष डॉ. मंजू धर्मेंद्र कटारे तथा सीईओ जिला पंचायत मीना मसराम की उपस्थिति में जिले में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रगति, विभागवार उपलब्धियों तथा अन्य विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में संबंधित विभागों के जिला अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल ने कहा जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री की प्राथमिकता से जुड़ा महत्वाकांक्षी अभियान है, जिसका उद्देश्य केवल जल संरचनाओं का निर्माण नहीं बल्कि भविष्य के जल संकट से जिले को सुरक्षित करना है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और ग्राम पंचायतों तक इस अभियान को जनभागीदारी से जोड़ें, ताकि जल संरक्षण एक स्थायी जनआंदोलन का रूप ले सके। जिला पंचायत उपाध्यक्ष डॉ. मंजू धर्मेंद्र कटारे ने कहा कि जल संरक्षण से जुड़े कार्यों में महिला स्वसहायता समूहों, ग्रामीण समितियों, आंगनबाड़ी नेटवर्क, विद्यालयों तथा युवाओं की सहभागिता बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि जब तक समाज की भागीदारी नहीं बढ़ेगी तब तक अभियान का अपेक्षित प्रभाव पूरी तरह सामने नहीं आएगा। सीईओ जिला पंचायत मीना मसराम ने विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि जिन विभागों की उपलब्धि अपेक्षा के अनुरूप नहीं है वे मिशन मोड में कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी 10 दिनों के भीतर दमोह जिले को जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में टॉप-5 जिलों में लाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर तेजी से अमल किया जाए। इसके लिए प्रत्येक विभाग को लक्ष्य आधारित कार्य, दैनिक मॉनिटरिंग तथा फील्ड स्तर पर परिणाम दिखाने होंगे। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण से जुड़े अधूरे कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए तथा तालाब, कुएं, बावड़ी, नालों की साफ-सफाई, वर्षा जल संचयन संरचनाओं की स्थापना, जल स्रोतों का संरक्षण, पेयजल गुणवत्ता परीक्षण और पौधरोपण जैसे कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। साथ ही जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जल बचत के प्रति लोगों को प्रेरित किया जाए। बैठक के दौरान जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत जिले में जल संरक्षण, भूजल संवर्धन, तालाब गहरीकरण, अमृत सरोवर, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, पेयजल गुणवत्ता परीक्षण, पौधरोपण, प्याऊ स्थापना, जनजागरूकता कार्यक्रम, जल संरचनाओं के पुनर्जीवन तथा ग्रामीण एवं नगरीय स्तर पर संचालित गतिविधियों की विभागवार जानकारी प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने बताया कि अभियान में शामिल 12 विभागों में से 5 विभाग वर्तमान में प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में टॉप-5 में स्थान बनाए हुए हैं, जो जिले के लिए संतोषजनक स्थिति है, लेकिन शेष विभागों को और अधिक सक्रियता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। बैठक में यह भी चर्चा की गई कि जल गंगा संवर्धन अभियान के साथ-साथ जिले में संचालित अन्य विकास योजनाओं की प्रगति भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि वे विकास कार्यों की गति बढ़ाएं, समयसीमा में लक्ष्य पूर्ण करें तथा शासन स्तर पर जिले की रैंकिंग बेहतर करने के लिए समन्वित प्रयास करें। बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि आगामी दिनों में विभागवार प्रगति की लगातार समीक्षा की जाएगी और जिन विभागों का प्रदर्शन कमजोर रहेगा उनसे पृथक जवाबदेही तय की जाएगी। प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य आगामी समीक्षा तक दमोह जिले को बेहतर प्रदर्शन वाले जिलों की अग्रिम पंक्ति में स्थापित करना है। ईएमएस/मोहने/ 29 अप्रैल 2026