नई दिल्ली (ईएमएस)। सुप्रीम कोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री की पत्नी से जुड़े मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दे दी। सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत मिल गई। इस पर आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया सामने आई है। आप के प्रवक्ता अनुराध ढांडा ने कहा कि इसका मतलब है कि बीजेपी का मकसद एजेंसियों और कानून का इस्तेमाल करके चुनाव को प्रभावित करना है। कैसे चुनाव में विरोधी पार्टियों को डराया जाए। इन्होंने चुनाव आयोग की शह पर पूरी एजेंसियों को टूल बना लिया है। अनुराग ढांडा ने कहा एक बार फिर स्पष्ट होता है कि भारतीय जनता पार्टी सारी एजेंसियों का दुरुपयोग करती है। इसके दो उदाहरण है। एक पवन खेड़ा जी वाला केस और एक पश्चिम बंगाल में आईपीएसी का केस, जो ईडी ने उनके ऊपर रेड की थी। चुनाव के समय क्या क्या हुआ। ईडी ने 10 दिन पहले आईपीएसी के लोगों को गिरफ्तार कर लिया। ममता बनर्जी के पूरे कैंपेन को ठप करने का प्रयास किया। सारे कर्मचारियों को जबरदस्ती लीव पर भेज दिया। चुनाव में कैंपेन को प्रभावित करने की हर संभव कोशिश की। इसके आगे उन्होंने कहा, चुनाव के समय पवन खेड़ा जी के केस में क्या हुआ। असम पुलिस आती है, जगह-जगह छापेमारी करती है। जबकि चुनाव आचार संहिता लगी हुई है। असम पुलिस उस समय चुनाव आयोग को रिपोर्ट कर रही है फिर भी उनकी फोर्स आती है और दबाने की हर संभव कोशिश करती है। चुनाव खत्म होते ही क्या होता है, ईडी के केस में लोअर कोर्स से सभी लोगों को जमानत मिल जाती है और यहां पर पवन खेड़ा को जमानत मिल जाती है। बता दें कि पवन खेड़ा ने आरोप लगाया था कि असम के सीएम हिमंत बिश्व सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां के पास कई पासपोर्ट हैं। उन्होंने ये भी आरोप लगाया था कि विदेश में सीएम की पत्नी के पास कई अघोषित संपत्तियां भी हैं। सीएम की पत्नी ने पवन खेड़ा और अन्य के खिलाफ गुवाहाटी अपराध शाखा थाने में बीएनएस की अलग-अलग धाराओं में आपराधिक मामला दर्ज कराया था। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/01/ मई/2026