कोलकाता,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम विधानसभा सीटों के 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान जारी है। इन केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे। इनमें से 11 बूथ मगराहाट पश्चिम और 4 बूथ डायमंड हार्बर में हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक दोबारा मतदान सुबह 9 बजे तक 16.23फीसदी मतदान दर्ज किया गया है। मगराहाट पश्चिम सीट के चार बूथों पर सुबह 9 बजे तक 16.88फीसदी और डायमंड हार्बर सीट के 11 बूथों पर सुबह 9 बजे तक 15.83फीसदी मतदान हुआ है। बता दें बीजेपी ने इन मतदान केंद्रों पर ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे, जिसका संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने इन सभी जगहों पर दोबारा मतदान कराने का फैसला किया है। बीजेपी ने आरोप लगाया था कि फलता इलाके में एक मतदान केंद्र पर ईवीएम में बीजेपी के चुनाव चिन्ह वाले बटन पर टेप लगाकर उसे छिपाने की कोशिश की गई। इसका फोटो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस संबंध में मतदाताओं और राजनीतिक दलों की ओर से शिकायतें भी दर्ज कराई गई थीं, जिनमें ईवीएम से छेड़छाड़, बूथ कैप्चरिंग और धांधली के आरोप लगाए गए। सूत्रों के मुताबिक फलता विधानसभा क्षेत्र के 30 और बूथों पर भी पुनर्मतदान हो सकता है, जिस पर चुनाव आयोग का फैसला आना बाकी है। इन बूथों पर मतदान 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में हुआ था, लेकिन चुनाव आयोग ने अब जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत इसे रद्द कर दिया है। यह प्रावधान चुनाव आयोग को अधिकार देता है कि अगर किसी मतदान केंद्र पर गंभीर गड़बड़ी जैसे ईवीएम में खराबी, बूथ कैप्चरिंग, हिंसा या प्रक्रिया में उल्लंघन होता है, तो वह मतदान को निरस्त कर दोबारा मतदान करा सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बाहिरापुरा कुरकुरिया एफपी स्कूल स्थित मतदान केंद्र के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। मतदाताओं का कहना है कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि इन तीन बूथों पर दोबारा मतदान क्यों कराया जा रहा है। कुछ लोगों का दावा है कि दूसरे चरण के मतदान में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी या बाधा नहीं हुई थी। वहीं पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने कहा कि जहां भी इस तरह की गड़बड़ियां साबित होंगी, वहां दोबारा मतदान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी गड़बड़ी के प्रति निर्वाचन आयोग की नीति जीरो टॉलरेंस की है। उन्होंने बताया कि फलता के 30 पोलिंग बूथों पर पुनर्मतदान का फैसला जिला निर्वाचन अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। शुरुआती जांच में मतदान से पहले या मॉक पोल के दौरान अधिकारियों द्वारा किसी तरह की गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले हैं, जिससे अंदेशा है कि कथित छेड़छाड़ मतदान के दौरान हुई हो। चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के मुताबिक, ईवीएम के बटन पर टेप, स्याही या कोई अन्य पदार्थ लगाना गंभीर अपराध माना जाता है और इसे मतदान प्रक्रिया में हस्तक्षेप की श्रेणी में रखा जाता है। इस बीच, राज्य में दो चरणों में कुल 92.93 फीसदी मतदान दर्ज किया गया, जो आजादी के बाद पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा है। 29 अप्रैल को दूसरे चरण में 92.67 फीसदी और 23 अप्रैल को हुए पहले चरण में 93.19 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था। सिराज/ईएमएस 02मई26