इन्दौर (ईएमएस) अपर सत्र न्यायाधीश शुभ्रा सिंह की कोर्ट में एक बेटी की हत्या के प्रकरण की सुनवाई उपरांत दोषी करार देते आरोपी पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी ने पत्नी के चरित्र पर शंका के चलते बेटी की गला घोंटकर हत्या करने के बाद उसका शव ड्रम में भर पत्नी की भी हत्या की कोशिश की लेकिन असफल रहने पर आत्महत्या का प्रयास भी किया था। प्रकरण में अभियोजन पैरवी अपर लोक अभियोजक योगेश जायसवाल ने की। उनके अनुसार प्रकरण कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि थाना परदेशीपुरा में फरियादी सुदामा बाई ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराते पुलिस को बताया था वह परिवार के साथ फिरोज गांधी नगर में किराए के मकान में रहती है। परिवार में पति बबलेश, पुत्री रानी और बेटा अंकेश हैं। 27 नवंबर 2018 को रात 8:30 बजे जब काम से घर आई तो पति घर पर था। उसने बेटी रानी के बारे में पूछने पर बताया कि वह इलाज कराने गई है। फिर पति सुदामाबाई के चरित्र पर शंका करते हुए विवाद करने लगा। उसका कहना था कि बेटी रानी भी इसमें अपनी मां की मदद कर रही है। पति ने कुल्हाड़ी से उसके सिर पर वार करने का प्रयास भी किया। जब उसने चिल्लाना शुरू किया तो पति ने पहले से गिलास में रखा जहर पिलाने की कोशिश की। जब नहीं पिया तो पति ने खुद पी लिया और डिब्बी में रखी जहरीली गोली भी खा ली। बाद में वह और उसका बेटा उसे एमवाय अस्पताल ले गए। उपचार के दौरान बेटी के बारे में पूछने पर पति ने बताया कि उसने बेटी को मारकर घर में रखे ड्रम में डालकर उसे बिस्तर रखकर छुपा दिया है। जब घर आए तो देखा कमरे में रखे ड्रम में रानी का शव पड़ा था। गले में गमछा बंधा था। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर विवेचना उपरांत प्रकरण चालान कोर्ट में पेश किया जहां सक्षम न्यायालय ने सुनवाई करते उक्त निर्णय दिया। आनंद पुरोहित/ 02 मई 2026