जशपुर (ईएमएस)। जिले के पत्थलगांव और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध प्लॉटिंग का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। यह अब केवल नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक संगठित नेटवर्क के रूप में इसके फैलने की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में 10 एकड़ से अधिक भूमि पर बिना वैध अनुमति के प्लॉटिंग की जा रही है। कृषि भूमि को बिना डायवर्सन और आवश्यक स्वीकृति के छोटे-छोटे भूखंडों में बांटकर ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। नियमों के अनुसार किसी भी भूमि को आवासीय या व्यावसायिक उपयोग में लाने से पहले उसका डायवर्सन कराना और नगर प्रशासन तथा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य होता है, लेकिन इन प्रक्रियाओं को नजरअंदाज कर यह पूरा कारोबार चलाया जा रहा है। भू-माफिया पहले किसानों से सस्ती दरों पर बड़ी जमीन खरीदते हैं और फिर बिना अनुमति उसे टुकड़ों में बांटकर कई गुना अधिक कीमत पर बेच देते हैं। इससे न सिर्फ खरीदारों को भविष्य में कानूनी जोखिम उठाना पड़ सकता है, बल्कि सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। मामले पर प्रशासनिक स्तर पर भी प्रतिक्रिया सामने आई है। एसडीएम रितुराज सिंह ने स्पष्ट किया है कि बिना डायवर्सन और अनुमति के की गई प्लॉटिंग कॉलोनाइजर एक्ट का उल्लंघन है और इसमें रजिस्ट्री निरस्त करने सहित सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। वहीं नगर पालिका के सीएमओ जावेद खान ने भी बिना एनओसी के हो रही प्लॉटिंग को अवैध बताते हुए जांच और कार्रवाई की बात कही है। - (ईएमएस) 02 मई 2026