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03-May-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। कई एंड्रॉयड स्मार्टफोन केवल एक फोटो की मदद से भी अनलॉक किए जा सकते हैं। यह दावा किया गया है ताजा रिपोर्ट में। स्मार्टफोन यूजर्स के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा फेस अनलॉक फीचर अब सुरक्षा के लिहाज से सवालों के घेरे में आ गया है। इस खुलासे के बाद मोबाइल सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है और साइबर विशेषज्ञ यूजर्स को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार 133 अलग-अलग स्मार्टफोन मॉडल्स की जांच की गई, जिनमें सैमसंग, वनप्लस, शाओमी, ओप्पो और मोटोरोला जैसी प्रमुख कंपनियों के डिवाइस शामिल थे। जांच में सैमसंग गैलेक्सी एस25, ओप्पो फाइंड एक्स9 प्रो और मोटोरोला रेजर 50 जैसे प्रीमियम स्मार्टफोन भी शामिल पाए गए। विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादातर एंड्रॉयड फोन में इस्तेमाल होने वाली 2डी फेस स्कैनिंग तकनीक इसकी सबसे बड़ी वजह है। यह तकनीक चेहरे की साधारण फोटो के आधार पर पहचान करती है। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति के पास यूजर की स्पष्ट और अच्छी क्वालिटी वाली तस्वीर मौजूद हो, तो वह फोन को अनलॉक करने की कोशिश कर सकता है। इसके विपरीत ऐपल आईफोन का फेस आईडी सिस्टम 3डी स्कैनिंग तकनीक पर आधारित है। इसमें केवल फोटो नहीं बल्कि चेहरे की गहराई, आकार और कई अन्य बायोमेट्रिक पहलुओं को भी स्कैन किया जाता है। यही कारण है कि आईफोन का फेस आईडी अधिक सुरक्षित माना जाता है और उसे फोटो के जरिए आसानी से अनलॉक नहीं किया जा सकता। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि फेस लॉक की तुलना में फिंगरप्रिंट सेंसर, पिन और मजबूत पासवर्ड कहीं ज्यादा सुरक्षित विकल्प हैं। हालांकि कुछ नए एंड्रॉयड स्मार्टफोन में उन्नत फेस स्कैनिंग सिस्टम दिए जा रहे हैं और गूगल भी इस तकनीक को पहले से अधिक सुरक्षित बनाने पर काम कर रहा है। सुदामा/ईएमएस 03 मई 2026