जयपुर (ईएमएस)। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शासन सचिवालय में आयोजित कमेटी ऑफ सेक्रेटरीज (सीओएस) की बैठक लेकर डीरेगुलेशन फेज— 1 के प्रभाव का मूल्यांकन, ई—फाइल और ई—डाक प्रणाली में डिस्पोजल , विभिन्न विभागों के पेंडिंग लेटर्स, विभिन्न भर्ती परीक्षाओं, स्कीमवार और 181 हेल्प लाइन पर परिवाद और निस्तारण की गहन समीक्षा की गई। बैठक के दौरान डीरेगुलेशन सेल द्वारा तैयार की गई इम्पैक्ट असेसमेंट ऑफ डीरेगुलेशन फेज-ढ्ढ रिपोर्ट प्रस्तुत की गई । इस रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान सभी 23 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने वाले अग्रणी राज्यों में से एक बनकर उभरा है । डीरेगुलेशन के पहले चरण का मुख्य उद्देश्य प्रक्रियाओं को सरल, तर्कसंगत और डिजिटल बनाकर नियामक बोझ को कम करना था। उद्योगों के लिए व्हाइट कैटेगरी की सूची को 104 से बढ़ाकर 877 कर दिया गया है । साथ ही, एमएसएमई के लि सीटीई, सीटीईओ की समय सीमा को 120 दिनों से घटाकर मात्र 21 दिन कर दिया गया है। 10 जनवरी, 2024 से अब तक कुल 4,314 पत्र भेजे गए हैं, जिनमें से 97.08 प्रतिशत का निस्तारण किया जा चुका है। मुख्य सचिव ने राज-काज प्रणाली के माध्यम से फाइलों के निस्तारण की गति की समीक्षा की। अप्रैल माह में मुख्य सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर पर कुल 7,929 फाइलों का संचलन हुआ, जिनका औसत निस्तारण समय 6 घंटे 56 मिनट रहा। मुख्य सचिव ने इन फाइलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।आयोजना विभाग द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 के लिए कुल संशोधित अनुमान 2,23,612.21 करोड़ था, जिसके विरुद्ध 31 मार्च, 2026 तक ?1,87,117.64 करोड़ (83.68 प्रतिशत) व्यय किया जा चुका है। आगामी वर्ष 2026-27 के लिए बजट अनुमान 2,62,781.58 करोड़ रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 17.52त्न अधिक है।केंद्रीय सहायता योजनाओं के तहत ?37,910.44 करोड़ के संशोधित अनुमान के मुकाबले ?25,897.00 करोड़ (68.31 प्रतिशत) व्यय दर्ज किया गया है। बैठक में मुख्य सचिव के हालिया दिल्ली दौरे (मार्च और अप्रैल 2026) के दौरान केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के साथ हुई चर्चाओं, राज्य बजट घोषणाओं और विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। पेट्रोलियम क्षेत्र की समीक्षा करते हुए बताया गया कि 31 मार्च, 2026 तक राज्य में 1,39,626 पीएनजी कनेक्शन लाइव किए जा चुके हैं और 488 सीएनजी स्टेशन संचालित हैं। जून, 2026 तक 1.73 लाख कनेक्शन का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में विभिन्न विभागों में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं, नियुक्तियों और आगामी भर्ती परीक्षाओं के कैलेंडर की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कार्मिक विभाग द्वारा राज्य में रोजगार के अवसरों और परीक्षाओं की अद्यतन स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के चलते अब तक कुल 1,21,728 अभ्यर्थियों को नियुक्तियां दी जा चुकी हैं।इस दौरान 181 हेल्पलाइन के सुदृढ़ीकरण और आमजन की शिकायतों के समाधान की स्थिति पर विशेष चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि मार्च और अप्रैल 2026 के दौरान कुल 32 प्रशासनिक सचिवों ने 181 कॉल सेंटर का व्यक्तिगत दौरा कर कार्यप्रणाली का जायजा लिया। इस दौरान प्राप्त 100 से अधिक सुझावों के आधार पर जन अभियोग निराकरण प्रणाली में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। मुख्य सचिव ने संतोष व्यक्त किया कि सरकार की सक्रियता से नागरिकों का विश्वास बढ़ा है। 181 हेल्पलाइन पर पंजीकृत शिकायतों की संख्या फरवरी, 2026 में 2,75,227 थी, जो अप्रैल, 2026 में बढक़र 3,70,200 हो गई है। शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान के कारण नागरिकों के संतुष्टि स्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई है। फरवरी के 66.90 प्रतिशत के मुकाबले अप्रैल 2026 में संतुष्टि का स्तर बढक़र 70.04त्न हो गया है। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन श्री अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव, खान एवं पैट्रोलियम विभाग श्रीमती अपर्णा अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एम.एस.एम.ई.) शिखर अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव, कौशल एवं उद्यमिता, रोजगार विभाग श्री संदीप वर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग कुलदीप रांका, अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग श्री आनंद कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग श्री प्रवीण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग श्री भास्कर आत्माराम सावंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव, अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग श्री अश्विनी भगत, अतिरिक्त मुख्य सचिव, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग श्री आलोक गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग श्री राजेश कुमार यादव एवं संबंधित विभागों के प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव व वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अशोक शर्मा/ 4:30 बजे/ 3 मई 2026