क्षेत्रीय
03-May-2026


दमोह (ईएमएस)। हटा- सुनार नदी के पावन तट पर स्थित सर्व ब्राह्मण धर्मशाला में श्रीमती विमला परसोत्तम पन्या परिवार द्वारा आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान गंगा यज्ञ सप्ताह के पंचम दिवस का वातावरण भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। कथा व्यास पंडित वीरेंद्र शास्त्री जी महाराज ने गोवर्धन पूजा के दिव्य प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि “इंद्र के भी इंद्र हैं गोवर्धन नाथ।” उन्होंने बताया कि जब ब्रजवासियों में इंद्र पूजा का प्रचलन था, तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें प्रकृति और गोवर्धन पर्वत की महिमा समझाते हुए गोवर्धन पूजा का महत्व बताया। भगवान श्री कृष्ण की प्रेरणा से बाबा नंद और बृजवासियों ने गिरिराज पर्वत का का विधि और विधान से पूजन किया इंद्र को अपने धन और उपाधि पर बहुत ही ज्यादा अभिमान था और प्रजा को भूल गया उन्होंने ने कहा कि इंद्र को अपने सामर्थ्य और पद का अत्यधिक अभिमान हो गया था। उसी अहंकार को चूर करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर धारण कर समस्त ब्रजवासियों की रक्षा की। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि प्रकृति, गौसेवा और धरती के प्रति कृतज्ञता ही सच्ची पूजा है, न कि अहंकार और प्रदर्शन। उन्होंने आगे कहा कि मनुष्य के जीवन में जब आवश्यकता से अधिक धन, वैभव और उपाधि प्राप्त हो जाती है, तो उसमें अहंकार उत्पन्न हो जाता है। यही अहंकार उसे भगवान से दूर कर देता है। जब मनुष्य स्वयं को सर्वशक्तिमान समझने लगता है, तब पतन का मार्ग स्वतः ही प्रारंभ हो जाता है। इसलिए जीवन में सदैव विनम्रता, सेवा भाव और ईश्वर स्मरण आवश्यक है। कथा के दौरान गोवर्धन पूजा की सुंदर झांकी सजाई गई, जिसमें गिरिराज महाराज का आकर्षक स्वरूप श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु स्थापित किया गया। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से अन्नकूट का प्रसाद अर्पित कर भगवान गोवर्धन नाथ की आराधना की। भजन-कीर्तन और “गिरिराज महाराज की जय” के जयकारों से पूरा कथा परिसर गुंजायमान हो उठा। शास्त्री जी ने अंत में कहा कि श्रीमद् भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली दिव्य साधना है। इसके माध्यम से मनुष्य अपने भीतर के अहंकार का त्याग कर सच्चे भक्ति मार्ग पर अग्रसर हो सकता है। इस पावन अवसर पर पूर्व मंत्री राजा पटेरिया शहर कांग्रेस अध्यक्ष दीपेश पटेरिया अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश गर्ग क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और गोवर्धन पूजा के इस दिव्य प्रसंग का श्रवण कर अपने जीवन को धन्य बनाया। ईएमएस / 03 मई 2026