इन्दौर (ईएमएस) शासकीय अष्टांग आयुर्वेद अस्पताल में प्राचार्य डॉ. अजीतपाल सिंह चौहान, अधीक्षक डॉ. एसके दास, अधिकारी, डॉ. अखलेश भार्गव, गौतम राहुल मारवाल आदि की मौजूदगी में गंभीर घावों के इलाज हेतु दान स्वरूप मिली रेड लाइट थेरेपी मशीन का शुभारंभ किया गया और इसके साथ ही आयुर्वेद अस्पताल में आधुनिक तकनीक रेड लाइट थेरेपी (फोटो बायो माड्यूलेशन) की सुविधा शुरू हो गई है। इसकी मदद से अब बिना सर्जरी और दवाइयों के मरीजों के घाव भरें जा सकेंगे। इसके लिए अस्पताल में विशेष इन्फ्रारेड लाइट यूनिट स्थापित की गई है। बता दें कि रेड लाइट थेरेपी खासकर उन मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है, जिनके घाव लंबे समय से नहीं भर रहे हैं। जैसे कि मधुमेह के मरीजों के घाव, जलने के निशान या सर्जरी के बाद के घाव। यह सूजन को कम करने, दर्द में राहत देने और त्वचा के पुनर्निर्माण में भी मदद करती है। विशेषज्ञों के अनुसार रेड लाइट थेरेपी में लाल रोशनी और नियर इन्फ्रारेड लाइट का उपयोग किया जाता है। यह रोशनी शरीर के अंदर तक पहुंचकर कोशिकाओं पर असर डालती है। खासतौर पर यह कोशिकाओं के माइटोकान्ड्रिया (जो ऊर्जा बनाने का केंद्र होता है) को सक्रिय करती है। जब माइटोकान्ड्रिया सक्रिय होते हैं, तो शरीर में ऊर्जा का उत्पादन बढ़ जाता है, जिससे घाव जल्दी भरने लगते हैं। इस थेरेपी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पूरी तरह से सुरक्षित और बिना दर्द वाली प्रक्रिया है। इसमें किसी तरह की सर्जरी या दवाओं के अधिक इस्तेमाल की जरूरत नहीं होती है। आनंद पुरोहित/ 04 मई 2026