मप्र को बनाएंगे दूध की राजधानी ग्वालियर(ईएमएस)। राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पशुपालकों और किसानों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए मध्यप्रदेश को दूध की राजधानी बनाने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री लखन पटेल, सांसद भारत सिंह कुशवाहा और ऊर्जा मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ग्वालियर एक जीवंत नगरी है और यहां किसान व पशुपालक प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीमा पर जवान और खेत में किसान देश की ताकत हैं, और जिनके घर गाय है, वे गोपाल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार दूध उत्पादन बढ़ाने वाले किसानों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता दी जाएगी। किसानों को मिल रही बेहतर सुविधाएं सीएम ने पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन अब उन्हें पर्याप्त बिजली और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष बताते हुए कृषि और पशुपालन को मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने कहा, गौशाला को बीस की जगह चालीस रूपये देंगे गायों के लिए। पशु आहार निर्माण केंद्र खुलेगा। वहीं, डबरा में पशु चिकित्सालय खोला जाएगा। हेम सिंह परेड अस्पताल का उन्नयन भी होगा। किसान की जमीन लेने पर उसे चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। विनोद उपाध्याय / 04 मई, 2026