राष्ट्रीय
04-May-2026


बांग्लादेशी नारे, नहीं बने सहारे, ममता हारीं संग्राम, केरल में 10 साल बाद कांग्रेस ने खत्म किया सत्ता का वनवास...उखड़ा लेफ्ट का तंबू, 21 में से 13 मंत्री चुनाव हारे, मसीहा बनकर तमिलनाडु के किंग बने विजय, असम में भाजपा का किला बरकरार भगवामय बंगाल, पंजे में केरल -49 साल में पहली बार देश में लेफ्ट सरकार नहीं...1957 में केरलम में नंबूदरीपाद ने सत्ता दिलवाई; 2026 में केरलम से ही खत्म -उपचुनावों में बारामती सीट पर सुनेत्रा ने बनाया जीत का महारिकॉर्ड, गुजरात से त्रिपुरा तक भाजपा की प्रचंड जीत नई दिल्ली/कोलकाता/गुवाहाटी/तिरुवनन्तपुरम/चेन्नई(ईएमएस)।पांच राज्यों में हुए चुनावों के नतीजे आ गए हैं। भाजपा ने असम का किला बरकरार रखा। भाजपा ने बंगाल में ममता बनर्जी की 15 साल पुरानी टीएमसी सरकार को उखाड़ फेंका है। भाजपा ने तमिलनाडु में अपनी सहयोगी एआईएडीएमके के साथ बढिय़ा प्रदर्शन किया। पुडुचेरी में भी एनडीए का मामला ठीक रहा। वहीं कांग्रेस ने केरल में 10 साल से सत्ता में काबिज वामदलों के गठबंधन एलडीएफ को उखाड़ फेंका है। केरल विधानसभा चुनाव में पिनराई विजयन की अगुवाई वाले लेफ्ट एलायंस एलडीएफ को हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस की अगुवाई वाली यूडीएफ ने 140 में से 90 से ज्यादा सीटें जीतकर 10 साल बाद सत्ता में वापसी कर ली है। केरलम में इस हार के बाद 49 साल में यह पहली होने जा रहा है जब देश के किसी भी राज्य में लेफ्ट की सरकार नहीं है। बंगाल की 293 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। एक सीट फालता पर 21 मई को फिर वोटिंग होगी। रुझानों में भाजपा को बहुमत मिला है। भाजपा 118 और टीएमसी 46 सीटों पर आगे चल रही है। भाजपा 86 सीट जीत गई है, 37 सीट टीएमसी के खाते में आई है। भवानीपुर में ममता बनर्जी आगे हैं, सुवेंदु अधिकारी पीछे हैं। बंगाल में बाबरी मस्जिद बनवा रहे हुमायूं कबीर रेजीनगर और नौदा दोनों सीटों से जीत गए। उधर बंगाल के मुख्य सचिव ने सभी विभागीय सचिवों को आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया कि किसी भी सरकारी दफ्तर से कोई भी फाइल या कागज गायब न हो। हावड़ा के डुमुरजला इलाके में टीएमसी दफ्तर में तोडफ़ोड़ की गई। कुर्सियां-खिड़कियां तोड़ दी गईं। पार्टी का झंडा सडक़ पर फेंक दिया गया। स्टालिन अपने ही बागी से हारे तमिलनाडु में बड़ा उलटफेर हुआ है। 2 साल पहले बनी विजय की पार्टी नंबर वन हो गई है। टीवीके ने 30 सीटों पर जीत दर्ज की है, 77 सीटों पर आगे चल रही है। इधर, तमिलनाडु के मौजूदा सीएम एमके स्टालिन कोलाथुर सीट से चुनाव हार गए हैं। उन्हें टीवीके के बीएस बाबू ने 8000 से ज्यादा वोटों से हराया है। बाबू पहले डीएमके में थे। फरवरी 2026 में ही उन्होंने वियज की पार्टी जॉइन की थी। इधर, टीवीके को सरकार बनाने के लिए 118 सीटों के साथ बहुमत हासिल करना होगा। एक्टर विजय के पिता चंद्रशेखर ने कहा है कि विजय कांग्रेस के साथ गठबंधन कर सकते हैं। विजय पदार्पण के साथ ही सत्ता के करीब तमिलनाडु में सुपरस्टार विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम यानी टीवीके ने ऐसा सियासी भूकंप ला दिया है जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। दशकों से राज्य पर राज करने वाली डीएमके और एआईएडीएमके पीछे छूटती दिख रही है। रुझानों में विजय की पार्टी 100 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाकर सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरी है। विजय खुद पेरांबुर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट जैसी दोनों सीटों पर बड़े अंतर से आगे चल रहे हैं। यह पहली बार चुनाव लड़ रही किसी पार्टी के लिए एक करिश्माई प्रदर्शन है। विजय ने साल 2024 में जब अपनी पार्टी बनाई, तभी से उन्होंने जमीन पर काम करना शुरू कर दिया था। उनकी फिल्मी लोकप्रियता तो थी ही, लेकिन उन्होंने इसे केवल स्टार पावर तक सीमित नहीं रखा। विजय ने अपने पुराने फैन क्लब विजय मक्कल इयक्कम को एक अनुशासित राजनीतिक फौज में बदल दिया। उन्होंने युवाओं और महिलाओं को सीधे अपना निशाना बनाया। लोग डीएमके पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों और पुरानी राजनीति से थक चुके थे। ऐसे में विजय ने साफ-सुथरी छवि और सिस्टम बदलने का वादा किया, जिसे जनता ने हाथों-हाथ लिया। केरल में कांग्रेस को मिली बूस्टर डोज केरल ने धीरे धीरे खरगोश की तरह लगातर मेहनत की और देश से वामपंथ का आखिरी किला भी उखाड़ फेंका। पिछले साल केरल राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ को बड़ी जीत मिली थी। इससे कांग्रेस को केरल में बूस्टर डोज मिली। इस खास संकेत को कांग्रेस ने सधे अंदाज में समझते हुए अपनी जीत का रोड मैप बिछाया कि वो एक दशक लंबे अंतराल के बाद सत्ता में वापसी कर सकती है। हालांकि केरल कांग्रेस की आपसी उठापठक के चलते ऐसे चमत्कारी नतीजों की उम्मीद नहीं थी लेकिन केरल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और राज्य में वर्मतान समय में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने भीतरी कलह को थामते हुए इतिहास रच दिया। इस बार कांग्रेस हाई कमांड यानी आलाकमान बेहद सतर्क था। पार्टी की सबसे बड़ी जरूरत और उसकी सबसे बड़ी चुनौती टीम की एकजुटता बनाए रखना था। इसे सही से हैंडल किया गया। आपसी सिरफुटव्वल दूर करने की शुरुआत तिरुवनंतपुरम सांसद शशि थरूर की नाराजगी दूर करने से हुई। इसी साल 2026 की शुरुआत में शशि थरूर को लेकर तरह-तरह की अटकलें चल रही थीं। इससे पार्टी को जरा सा भी नुकसान होता उससे पहले जनवरी के आखिरी हफ्ते में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने उनसे लगभग दो घंटे बंद कमरे में चर्चा की जिसमें पार्टी के अंदर नाराजगी की अटकलों को दूर किया गया। इसके बाद थरूर को केरल में चुनाव कैंपेन कमेटी का सह-संयोजक बनाया गया। उन्होंने पूरे राज्य में पार्टी के लिए व्यापक प्रचार किया। जिसका फायदा कांग्रेस को मिला। उपचुनाव में भी भाजपा का जलवा देश के पांच राज्यों में सात विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के नतीजे आ चुके हैं। सात सीटों में से चार पर भाजपा की जीत हुई है। वहीं महाराष्ट्र में एनसीपी की जीत हुई, जो एनडीए के साथ है। और दो सीटों पर कांग्रेस को जीत हासिल हुई है। महाराष्ट्र के बारामती विधानसभा उपचुनाव में सुनेत्रा अजित पवार ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए राजनीति में नया रिकॉर्ड कायम कर दिया। एनसीपी (अजित पवार गुट) की उम्मीदवार सुनेत्रा पवार ने 2,18,930 वोटों के विशाल अंतर से जीत हासिल की, जो भारत के किसी भी विधानसभा चुनाव में अब तक का सबसे बड़ा जीत का अंतर माना जा रहा है। मतगणना के 24वें राउंड के अंत तक तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई थी, जहां सुनेत्रा पवार के पक्ष में जबरदस्त जनसमर्थन देखने को मिला। इस चुनाव में कुल 23 उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन कोई भी प्रतिद्वंद्वी 1,000 वोट का आंकड़ा भी पार नहीं कर सका। करुणा मुंडे को 125 और अभिजीत बिचुकले को 121 वोट मिले। -प. बंगाल का चुनाव परिणाम पार्टी आगे जीते कुल भाजपा 112 94 206 (+129) टीएमसी 41 40 81 (-135) कांग्रेस 1 1 2 (+2) लेफ्ट फ्रंट 2 0 2 (+1) अन्य 0 2 2 (+2) -तमिलनाडु का चुनाव परिणाम पार्टी आगे जीते कुल टीवीके 40 66 106 (+106) अन्नाद्रमुक+ 24 30 54 (-21) डीएमके+ 31 34 65 (-94) अन्य 2 7 9 (+9) -केरल का चुनाव परिणाम पार्टी जीत यूडीएफ 102 (+61) एलडीएफ 35 (-64) एनडीए 3 (+3) -असम का चुनाव परिणाम पार्टी आगे जीते कुल भाजपा+ 4 98 102 (+27) कांग्रेस+ 7 14 21 (-29) अन्य 0 3 3 (+2) -पुडुचेरी का चुनाव परिणाम पार्टी आगे जीते कुल एनडीए 2 16 18 (+2) कांग्रेस+ 0 6 6 (-2) अन्य 0 6 6 (0) विनोद उपाध्याय / 04 मई, 2026