- 5 हिस्सों में बंटी वेदांत, म्युचुअल फंड्स ने शुरू की बड़ी रीबैलेंसिंग नई दिल्ली (ईएमएस)। अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांत लिमिटेड का पांच अलग-अलग कंपनियों में बंटवारा होने के बाद बाजार में हलचल मची है। 1 मई, 2024 की रिकॉर्ड डेट के बाद से ही फंड मैनेजर अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करने में जुटे हैं, जिसका सबसे सीधा असर इंडेक्स फंड्स पर दिख रहा है। निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स में वेदांत का वजन 5.2 फीसदी से घटकर लगभग 2.3 फीसदी रह गया है। राइट रिसर्च की सोनम श्रीवास्तव के अनुसार, इस बदलाव के कारण इंडेक्स को फॉलो करने वाले पैसिव फंड्स को अपने पोर्टफोलियो में हिस्सेदारी घटानी पड़ी, जिससे बाजार में ‘मैकेनिकल सेलिंग’ देखने को मिली। हालांकि, इस बिकवाली का एक बड़ा हिस्सा 30 अप्रैल को हुए प्री-ओपन प्राइस डिस्कवरी सेशन में ही एडजस्ट हो गया, जहाँ वेदांत का शेयर 770 रुपए से गिरकर 289.50 रुपए तक आ गया था। विशेषज्ञ शशांक उदुपा का मानना है कि मौजूदा स्तर, जो करीब 270 रुपए है, वहाँ से अब बहुत ज्यादा एकतरफा बिकवाली नहीं होगी। हालांकि, अल्पकालिक उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है क्योंकि बाजार अभी इस बड़े बदलाव को पूरी तरह समझ रहा है। डिमर्जर के बाद बनी चार नई कंपनियां अभी लिस्ट नहीं हुई हैं, जिसमें 4 से 8 हफ्ते लग सकते हैं। इस दौरान पैसिव फंड्स इन्हें डमी स्टॉक की तरह दिखाएंगे, जिनकी ट्रेडिंग नहीं हो सकती। यह स्थिति लॉक-इन जैसी है, जिससे फंड्स के प्रदर्शन में ट्रैकिंग एरर आ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बीच का समय काफी जटिल होता है और इसके चलते पोर्टफोलियो संतुलन चुनौतीपूर्ण रहेगा। सतीश मोरे/05मई ---