- महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर अलीगढ़ (ईएमएस)। जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर ‘लखपति दीदी’ बनाने के उद्देश्य से क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में महिला समूहों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से बहुआयामी गतिविधियों से जोड़ने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए उन्हें केवल एक गतिविधि तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। समूह की महिलाओं को डेयरी, कृषि आधारित कार्य, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, लघु उद्योग एवं अन्य स्वरोजगार गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जाए, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप अधिक से अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। बैठक का संचालन करते हुए उपायुक्त राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन मंजू त्रिपाठी ने बताया कि जिले में पूर्व में 16,811 स्वयं सहायता समूह संचालित थे, जबकि शासन द्वारा 16,783 नए समूहों के गठन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि जनवरी से अप्रैल माह के बीच 2,538 नए महिला समूहों का गठन कर अब तक 19,349 महिलाओं को जोड़ा गया है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 700 महिलाओं को समूहों से जोड़ा जा रहा है, हालांकि इस अभियान में और तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने जानकारी दी कि जनपद में अब तक 92,060 महिलाएं ‘लखपति दीदी’ के रूप में स्थापित हो चुकी हैं, जो अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। जिलाधिकारी ने ब्लॉक मिशन मैनेजरों के अंतरविभागीय प्रशिक्षण पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों की लाभकारी गतिविधियों से संबंधित शॉर्ट वीडियो तैयार कर प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, ताकि पारंपरिक कार्यों से आगे बढ़कर महिलाओं के लिए नए आय के अवसर विकसित किए जा सकें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज त्यागी, परियोजना निदेशक भाल चंद त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी आलोक आर्य, संबंधित विभागों के अधिकारी, खंड विकास अधिकारी एवं एडीओ ग्राम्य विकास उपस्थित रहे। ईएमएसधर्मेन्द्र राघव/ 05 मई 2026