क्षेत्रीय
05-May-2026
...


:: नर्मदा चिंतन ज्ञान यज्ञ : इंदौर की समृद्धि में नर्मदा का योगदान सर्वाधिक, दादागुरु भेंट करेंगे मातृशक्ति को पौधे :: इंदौर (ईएमएस)। खजराना गणेश मंदिर स्थित सत्संग सभागृह में मंगलवार को अभा दादा गुरु परिवार इंदौर नर्मदा मिशन के तत्वावधान में सात दिवसीय नर्मदा चिंतन ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत एक अनूठी वृक्ष कलश यात्रा से हुई, जिसमें 500 से अधिक महिलाएं मस्तक पर नर्मदा जल से भरे कलश और उनमें रखे पौधे लेकर शामिल हुईं। नाचते-गाते हुए निकली इस यात्रा का मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। शुभारंभ सत्र में नर्मदा परिक्रमावासी आचार्य रविकांत शास्त्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में माँ नर्मदा जीवन रेखा है। अन्य नदियों में स्नान से पुण्य मिलता है, लेकिन नर्मदा के दर्शन मात्र से ही मनुष्य कृतार्थ हो जाता है। अहिल्या नगरी की समृद्धि और विकास में माँ नर्मदा का योगदान अद्वितीय है। उन्होंने बताया कि यह केवल जलधारा नहीं, बल्कि शिवपुत्री के रूप में सुख-शांति और आनंद का प्रवाह है। प्रारंभ में राजेंद्र बंसल, नित्यम बंसल और देवांग शर्मा ने व्यास पीठ का पूजन किया। :: निराहार महाव्रत के 2027 दिन हुए पूरे :: आयोजन के प्रेरक अवधूत दादागुरु भगवान की निराहार साधना के मंगलवार को 2027 दिन पूर्ण हुए। वे संभवतः देश के पहले ऐसे संत हैं जो केवल नर्मदा जल का पान कर कठोर साधना कर रहे हैं। उनके इस मिशन से जुड़कर हजारों युवा व्यसन मुक्त हो चुके हैं। कथा के दौरान रखे गए ये पौधे समापन पर दादागुरु के हाथों मातृशक्ति को भेंट किए जाएंगे, ताकि वे अपने घर-आंगन में इनका रोपण कर सकें। दादागुरु 9 से 11 मई तक कथा में विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। :: सात दिनों तक बहेगी ज्ञान गंगा :: संयोजक राजेंद्र बंसल ने बताया कि कथा में बुधवार को नर्मदा महात्म्य, 7 मई को प्राकट्य उत्सव, 8 को विविध लीलाओं का वर्णन और 9 मई को परिक्रमा की महिमा बताई जाएगी। 10 मई को तटवर्ती तीर्थों का वर्णन होगा और 11 मई को दादागुरु के आशीर्वचन व महाप्रसादी के साथ आयोजन का समापन होगा। इस दौरान खजराना मंदिर के पुजारी परिवार सहित बालकृष्ण छाबछरिया, शिव जिंदल, राजेश गर्ग सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।