हाथरस (ईएमएस)। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के मुख्य सेविका पद पर चयन प्रक्रिया के तहत अभिलेख सत्यापन के बाद AFMS पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने में लापरवाही सामने आने पर विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। निर्धारित समयसीमा के बावजूद कार्य पूर्ण न होने पर संबंधित परियोजना अधिकारियों का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया गया है।निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, लखनऊ के निर्देशानुसार पत्र संख्या सी-4727 दिनांक 17 मार्च 2026 के तहत जनपद की 1476 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के अभिलेख 15 दिनों में सत्यापित कर पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे। इस संबंध में 19 मार्च, 1 अप्रैल, 13 अप्रैल और 24 अप्रैल को लगातार निर्देश और अनुस्मारक जारी किए गए थे। 24 अप्रैल को जारी कारण बताओ नोटिस में 30 अप्रैल अंतिम समयसीमा तय की गई थी।इसके बावजूद 4 मई 2026 तक मात्र 528 अभिलेख ही अपलोड किए जा सके, जो कुल का 35.77 प्रतिशत है। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना माना है।जारी आदेश में कहा गया है कि शासन की प्राथमिकता वाले इस कार्य में देरी अस्वीकार्य है। निर्देशों की अनदेखी पर लघु दंड स्वरूप संबंधित अधिकारियों का वेतन रोक दिया गया है।कार्रवाई के दायरे में आने वालों में ममता शर्मा (हसायन), सोनू आर्य (सादाबाद), ओमवती यादव (हाथरस-शहर), स्मृति दुबे (सासनी), सोनी कुमारी (हाथरस-ग्रामीण), रेखा शर्मा (सहपऊ), स्तुति वर्मा (मुरसान) और कल्पना दुबे (सिकन्द्राराऊ) शामिल हैं।विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि 15 कार्यदिवस के भीतर शेष अभिलेख अपलोड नहीं किए गए तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी। ईएमएस/नीरज चक्रपाणी/ 05 मई 2026