क्रूज में नहीं था अनिर्वाय 4 स्ट्रोक इंजन जबलपुर (ईएमएस)। बरगी बांध में गत 30 अप्रैल को क्रूज डूबने की घटना में 13 लोगों की जान जाने के बाद एक के बाद एक लापरवाही के नए नमूने सामने आ रहे है| दरअसल जांच के पहले ही क्रूज को नष्ट करने के सवाल उठ रहे है| क्रूज में 4 स्ट्रोक इंजन नहीं था, यदि इस तरह का पावरफुल इंजन उसमें लगा होता तो आंधी तूफान में भी क्रूज ठप्प नहीं पड़ता और यह दुर्घटना नहीं होती| एनजीटी के आदेश का पर्दाफाश न हो इसलिए क्रूज को नष्ट कर जांच में अवरोध पैदा किया गया| जांच के पहले क्रूज को नष्ट कर सबूत मिटाने का आरोप लगाते हुए जनसंगठनों ने घंटाघर के पास प्रदर्शन कर जिला प्रशासन के माध्यम से पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया| जनसंगठनों की ओर से वरिष्ठ समाज सेवी डॉ.पीजी नाजपांडे ने कहा कि क्रूज में लगे दो इंजन में से एक इंजन खराब था| इसकी सूक्ष्म जांच होनी जरुरी है| डॉ.नाजपांडे ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने गत 12 सितंबर 2023 को स्पष्ट आदेश दिए थे कि जलाशयों जिन्हें लैंड घोषित नहीं किया जाए, (जैसा कि बरगी डेम जलाशय है) उनमें अनिवार्य रुप से 4 स्ट्रोक इंजन के नाव संचालित किए जा सकते हैं| एनजीटी ने बताया कि विश्व के 3 दर्जन देशों में ऐसी ही नाव का संचालन हो रहा है| एनजीटी के स्पष्ट आदेश है कि जलाशयों के नाव में 4 स्ट्रोक इंजन होना अनिवार्य है| इस आदेश से पर्दाफाश न हो इस कारण क्रूज को नष्ट कर जांच में अवरोध पैदा किया गया है| प्रदर्शन में डॉ.पीजी नाजपांडे, रजत भार्गव, टीके रायघटक, डीके सिंह, वेदप्रकाश अधौलिया, सुशीला कनौजिया, डीआर लखेरा, पीएस राजपूत, जीएस सोनकर, अर्जुन कुमार, मोहन श्रीवास्तव, एनके नेमा, अशोक यादव, उमा दाहिया, एच विश्वकर्मा, ओपी पांडे, डीके चौबे, विंध्यकुमार बड़गैंया आदि शामिल थे| सुनील साहू / मोनिका / 06 मई 2026/ 05.00