क्षेत्रीय
06-May-2026
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पूर्वी सिंहभूम(ईएमएस)।घाटशिला थाना क्षेत्र के पुराना बनकाटी गांव में बुधवार सुबह पीडीएस डीलर मृणाल कुमार रजक (62) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।उनका शव गांव के पास धाड़मोरा बरसाती नाला समीप डूमर पेड़ से लटकता मिला। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गयी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गये। जानकारी के अनुसार मृणाल सुबह करीब 7 बजे घर से निकले थे। कुछ देर बाद उनसे मिलने आए एक व्यक्ति के बाद परिजनों ने तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद पंचायत भवन से करीब 150 मीटर दूर नाला किनारे पेड़ से उनका शव फंदे से लटका मिला।सूचना पर घाटशिला थाना प्रभारी राजेंद्र मुंडा, एसआई गौतम कुमार व रजनीश आनंद मौके पर पहुंचे एवं ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए घाटशिला अनुमंडल अस्पताल भेजा। समाजसेवी कालीराम शर्मा ने शव को अस्पताल पहुंचाने एवं लाने में सहयोग किया। पोस्टमार्टम डॉ शंकर टुडू ने किया।बाद में गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।उनके पीडीएस दुकान से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें मृणाल रजक ने लिखा है कि वे पीडीएस दुकानदार हैं और सरकार की ओर से करीब नौ माह से कमीशन नहीं मिलने के कारण परिवार चलाने में भारी परेशानी हो रही थी।यह भी लिखा कि सहारा इंडिया में उनका काफी पैसा डूब गया है, जिससे वे मानसिक तनाव में थे।मृतक के पुत्र शिवनाथ रजक और आलोक रजक ने बताया कि उनके पिता वर्ष 1992 से राशन डीलर थे। करीब 4 से 5 लाख रुपये कमीशन बकाया था।उनका कहना है कि बार-बार आवाज उठाने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ।मंगलवार को ही वे इस मामले को लेकर जमशेदपुर बैठक में गये थे।पिछले दो माह से काफी मानसिक तनाव में थे।पीडीएस दुकानदारों पर लगातार जांच और नियमों का दबाव बढ़ता जा रहा था, जबकि कई महीनों से कमीशन का भुगतान नहीं हुआ था। उनके अनुसार वर्ष 2023-24 का भी कई माह का कमीशन बकाया है। कहा कि राशन दुकान से मिलने वाला कमीशन ही आय का मुख्य साधन था, लेकिन भुगतान नहीं होने से आर्थिक संकट गहरा गया था।परिजनों का आरोप है कि आर्थिक दबाव, बकाया कमीशन और लगातार बढ़ते तनाव के कारण उन्होंने यह कदम उठाया। बताया गया कि वर्ष 2008-09 से वे सहारा इंडिया के एजेंट थे। सहारा में उनका करीब डेढ़ करोड़ रुपये मैच्योरिटी का पैसा फंसा हुआ था, जिससे वे काफी तनाव में रहते थे। परिजनों ने कहा कि सहारा ने लोगों को बेसहारा कर दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि मृणाल व्यवहार कुशल और ईमानदार राशन डीलर थे।वे लोगों को सही तरीके से राशन वितरण करते थे, लेकिन लगातार बढ़ते दबाव, जांच और बकाया भुगतान नहीं मिलने से परेशान थे।मौके पर मुखिया प्रतिनिधि जुझार सोरेन, पंसस जगन्नाथ कालिंदी, समाजसेवी कालीराम शर्मा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। इधर, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।वे अपने पीछे पत्नी रानू रजक एवं दो पुत्र शिवनाथ रजक और आलोक रजक को छोड़ गये।पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। कर्मवीर सिंह/06मई/26