:: शंकरपुर सबस्टेशन में नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित; ऊर्जा मंत्री बोले- निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली देना सरकार की प्राथमिकता :: उज्जैन/इंदौर (ईएमएस)। आगामी सिंहस्थ-2028 के महापर्व के दौरान उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में निर्बाध और विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने एक बड़ा कदम उठाया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि उज्जैन स्थित 220 केवी शंकरपुर सबस्टेशन में लगभग 35 वर्ष पुराने 160 एमवीए क्षमता के पावर ट्रांसफार्मर को हटाकर उसी क्षमता का अत्याधुनिक नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत कर दिया गया है। ऊर्जा मंत्री के अनुसार, सिंहस्थ जैसे विशाल अंतर्राष्ट्रीय आयोजन में विद्युत तंत्र की मजबूती और आकस्मिक परिस्थितियों में भी आपूर्ति बनाए रखना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुराना ट्रांसफार्मर लंबे समय से सेवा में था, जिसे बदलकर अब विद्युत पारेषण प्रणाली को और अधिक भरोसेमंद बना दिया गया है। इससे न केवल मेला क्षेत्र, बल्कि उज्जैन के आसपास के कई जिलों और ग्रामीण अंचलों के उपभोक्ताओं को भी उच्च गुणवत्ता वाली बिजली मिल सकेगी। :: आधा दर्जन सबस्टेशनों को मिलता है यहाँ से पावर :: एमपी ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता अनिल सक्सेना ने बताया कि वर्ष 1977 में स्थापित शंकरपुर सबस्टेशन सिंहस्थ के लिए हमेशा से एक मुख्य सोर्स रहा है। यहाँ से मेला क्षेत्र को बिजली सप्लाई करने वाले ज्योति नगर, भेरूगढ़, चंद्रावतीगंज, सांवेर, घोंसला और रातडिया जैसे 132 केवी सबस्टेशनों को बिजली भेजी जाती है। नए ट्रांसफार्मर की स्थापना से अब देवास, मक्सी, माकड़ौन और सांवेर क्षेत्र के लाखों उपभोक्ता सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। :: शंकरपुर की क्षमता हुई 656 एमवीए :: उल्लेखनीय है कि 220 केवी सबस्टेशन शंकरपुर की कुल स्थापित ट्रांसफारमेशन क्षमता अब 656 एमवीए हो गई है। वर्तमान में यहाँ 220 केवी और 132 केवी वोल्टेज लेवल के तीन-तीन पावर ट्रांसफार्मर पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रहे हैं। बुनियादी ढांचे में किए गए इस सुधार से भविष्य में बिजली ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज जैसी समस्याओं से भी निजात मिलेगी। प्रकाश/06 मई 2026