हरिद्वार (ईएमएस)। चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं उत्तराखंड ने ऋषिकुल आयुर्वेद विश्विद्यालय में भ्रमण के दौरान चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने अपनी व्यथा सुनाई। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उनको दो माह से वेतन नहीं मिल रहा है और भविष्य में भी कब तक मिलेगा पता नहीं है, हमारे बच्चों के एडमिशन, बैंक से लोन की रिकवरी के फोन, राशनवाले इत्यादि भी उधाारी चुकाने के लिए दबाब डालने लगे है। अब हमारे आगे घर चलाने के लिए बडी समस्या समाने आ खडी हुई है। ऋषिकुल आयुर्वेदिक शिक्षेनेतर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष केएन भट्ट, सचिव छत्रपाल सिंह, वरिष्ठ पदाधिकारी समीर पांडे, संध्या रतूड़ी ने कहा है पूर्व में आंदोलन के बाद शासन से वार्ता के दौरान अश्वासन दिया गया था कि कर्मचारियों का वेतन मिलता रहेगा और जो जांच के दायरे में है, उनका वेतन रोका जाएगा, कुछ दिन ठीक से मिला लेकिन अब दो माह से वेतन नहीं मिलने के कारण आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र तेश्वर प्रदेश संगठन सचिव छत्रपाल सिंह जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार जिला मंत्री राकेश भंवर ने कहा कि कर्मचारियों की कोई मांग पूरी नहीं हुई है, किंतु कर्मचारियों के वेतन को हर बार रोका जाना न्यायसंगत नहीं है। कर्मचारी अपने परिवार का भरण पोषण करने में भी असमर्थ हो रहा है, जोकि कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस संबंध में एक ज्ञापन आयुष मंत्री मदन कौशिक को देकर उनसे अनुरोध किया जाएगा और श्रीमान कुलसचिव को भी ज्ञापन दिया जाएगा जल्द ही निस्तारण न होने की दशा में सभी संवर्गो के पदाधिकारियों की बैठक बुलाकर अग्रिम आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। यदि कर्मचारी अपनी मांगों के लिए आंदोलन की राह पकडता हैं तो उसकी समस्त जिम्मेदारी आयुर्वेद विश्विद्यालय और शासन का होगी। बैठक प्रदर्शन में दिनेश लखेड़ा, केएन भट्ट, समीर पांडे, संध्या रतूड़ी, मीनाक्षी गौड, शिखा नेगी, बृजेश, राकेश भंवर, छत्रपाल सिंह, नितिन, राजेन्द्र तेश्वर, सुरेंद्र सिंह, अजय कुमार, विनोद, सुमंत पाल, कल्लू, पप्पू, दीपक, कमल कुमार, सतीश इत्यादि उपस्थित रहे। (फोटो-09) शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/06 मई 2026