क्षेत्रीय
06-May-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव की अगुवाई वाली समाजवादी पार्टी ने एक अहम रणनीतिक फैसला लेते हुए चुनावी रणनीति से जुड़ी कंपनी इंडियन पोलिटिकल एक्शन कमेटी (आईपैक) के साथ अपना करार रद्द कर दिया है। करीब ढाई महीने पहले पार्टी ने इलेक्शन मैनेजमेंट और सोशल मीडिया रणनीति का जिम्मा आईपैक और ‘शो टाइम’ नामक दूसरी एजेंसी को सौंपा था। अब नए फैसले के तहत आईपैक सपा के लिए काम नहीं करेगी, जबकि ‘शो टाइम’ अपनी सेवाएं जारी रखेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आईपैक की टीम खास तौर पर उन विधानसभा सीटों पर काम कर रही थी, जहां पिछली बार जीत-हार का अंतर बेहद कम था। इन सीटों को पार्टी के लिए ‘क्रिटिकल’ माना जा रहा था। हालांकि, आईपैक की ज्यादातर टीम उत्तर प्रदेश के बाहर से ही काम कर रही थी, जिससे जमीनी स्तर पर समन्वय को लेकर भी सवाल उठ रहे थे।बताया जा रहा है कि यह समझौता इसी साल की शुरुआत में हुआ था, लेकिन हालिया घटनाक्रम के चलते इसे समय से पहले ही खत्म कर दिया गया। पिछले महीने प्रवर्तन निदेशालय ने आईपैक के निदेशक विनेश चन्देल को पश्चिम बंगाल के कथित कोयला तस्करी और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद कंपनी की साख और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए थे।सूत्रों के मुताबिक, निदेशक की गिरफ्तारी और एजेंसियों की कार्रवाई के बाद यह करार पहले से ही अस्थिर हो चुका था। पार्टी नेतृत्व को आशंका थी कि इससे चुनावी तैयारियों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। ऐसे में सपा ने जोखिम से बचते हुए आईपैक से दूरी बनाना ही बेहतर समझा। इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ आईपैक की कार्यप्रणाली, बल्कि भविष्य में राजनीतिक दलों के साथ उसकी साझेदारियों पर भी अनिश्चितता बढ़ा दी है। वहीं, समाजवादी पार्टी अब अपनी चुनावी रणनीति को नए सिरे से मजबूत करने में जुट गई है। ईएमएस / 02 मई 2026