07-May-2026
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झाँसी (ईएमएस ) अक्सर यह देखा जा रहा है की ट्रेन में कई इलाकों में पत्थर बाजी की घटनाएं बहुत तेजी से बढ़ रही है।खासतौर से वीआईपी ट्रेन बंदे भारत शताब्दी आदि ट्रेनों में इन घटनाओं की अधिकता अधिक देखी गई है। लेकिन अब ट्रेन पर पत्थर बाजी व रेलवे ट्रैक से छेड़छाड़ करने वाले रेलवे की नजरों से नहीं बच पाएंगे। अब रेलवे ने रेलवे ट्रैक एवं ट्रेनों की निगरानी ड्रोन से करने का निर्णय लिया गया है।ऐसे स्थानों को भी चिन्हित किया जा रहा है जहां पत्थरबाजी की घटनाएं अधिक होती है इसकी जिम्मेदारी जीआरपी को सौंप गई है। बीते दिनों कई स्थानों पर बंदे भारत पर पथराव और रेलवे ट्रैक के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं हो चुकी है इसे देखते हुए रेलवे ने अब सतर्कता काफी बढ़ा दी है।जिले के उन सभी जगह पर विशेष निगरानी रखी जा रही है जहां पूर्व में ऐसी घटनाएं हो चुकी है विशेष कर घनी आबादी वाले क्षेत्र से गुजरने वाली रेल लाइनों पर ट्रेन के आने-जाने के दौरान कड़ी चौकसी बरती जा रही है। झांसी मंडल में दतिया से लेकर ललितपुर के पास पथराव की काफी घटनाएं सामने आ चुकी है। लेकिन अब ड्रोन कैमरे से निगरानी के बाद ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकेगी। अधिकारी प्रतिदिन इसके फुटेज खुद देखेंगे इसके अलावा स्टेशन क्षेत्र में संदिग्ध लोगों पर भी नजर रखी जा सकेगी। झांसी अनुभाग ने महाकुंभ के दौरान ड्रोन कैमरे का सफल इस्तेमाल किया था। अस्थाई तौर पर जीआरपी आरपीएफ को ड्रोन उपलब्ध कराए गए थे इससे भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मदद मिली थी। विपुल कुमार श्रीवास्तव पुलिस अधीक्षक जीआरपी का कहना है कि रेलवे ट्रैक के साथ ही ट्रेन की सुरक्षा को लेकर जीआरपी अलर्ट रहती है।मुख्यालय से ड्रोन की खरीदारी के निर्देश मिले हैं जल्दी ही ड्रोन खरीद कर बंदेभारत से लेकर रेलवे ट्रैक की निगरानी कराई जाएगी। यह ड्रोन रेलवे ट्रैक रेलवे यार्ड और उच्च जोखिम वाले क्षेत्र की रियल टाइम निगरानी करेंगे इससे रेलवे ट्रैक से छेड़छाड़ संदिग्ध गतिविधियों और सिग्नल या अन्य रेल ढांचे को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान हो सकेगी और समय रहते जीआरपी कार्रवाई कर सकेगी।शरद शिवहरे /ईएमएस /7मई