नई दिल्ली (ईएमएस)। आवासीय भवनों और व्यवसायिक परिसरों में आग से बचाव के पर्याप्त उपाय नहीं होने और नियमों के उल्लंघन से अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। अग्निशमन विभाग के पास पर्याप्त संसाधन नहीं होने के साथ ही अवैध निर्माण और अतिक्रमण के कारण राहत व बचाव कार्य में परेशानी होती है। इससे जान-माल का अधिक नुकसान होता है। पिछले दिनों विवेक विहार में अग्निकांड से नौ लोगों की मौत हो गई थी। पूर्व में भी इस तरह की घटनाओं में कई लोगों की जान चली गई है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने और दुर्घटना की स्थिति में समय पर प्रभावी ढंग से राहत व बचाव कार्य चलाने के लिए दिल्ली सरकार ने फायर फाइटिंग मास्टर प्लान बनाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में ऊर्जा मंत्री आशीष सूद, मुख्य सचिव राजीव वर्मा और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्हें 10 दिनों के भीतर आग की घटनाओं के कारणों, संवेदनशील क्षेत्रों, व्यवस्थागत कमियों और ठोस निवारक उपायों को शामिल करते हुए एक विस्तृत ब्लू प्रिंट तैयार करने को कहा है। अग्निशमन विभाग को कर्मियों की संख्या बढ़ाने, नए अग्निशमन केंद्र खोलने और आधुनिक उपकरण खरीदने के निर्देश दिए। इसके लिए सरकार बजट देने में कोई कमी नहीं करेगी। उन्होंने दिल्ली नगर निगम को आवासीय क्षेत्रों अनधिकृत निर्माण और आंतरिक रोड पर अतिक्रमण रोकने को कहा जिससे कि दुर्घटना की स्थिति में घटनास्थल पर दमकल और राहत व बचाव दल की आवाजाही में कोई बाधा न हो। बिजली विभाग के अधिकारियों को बिजली कनेक्शन देते वक्त विशेष सावधानी बरतने बिजली नेटवर्क की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। आशीष सूद ने कहा कि सरकार आगामी 25 वर्षों को ध्यान में रखकर आग से बचाव के लिए अग्निशमन विभाग को मजबूत करेगी। आरडब्ल्यूए, व्यापारिक, धार्मिक व संगठनों के साथ मिलकर आग की घटनाओं के प्रति दिल्ली के लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा। बैठक में अग्निशमन विभाग, दिल्ली नगर निगम, डीडीएमए, बिजली व अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/07/मई /2026