07-May-2026
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इन्दौर (ईएमएस) वर्ष 2017 से 2022 के बीच स्कूली शिक्षा विभाग में हुए लगभग ढाई करोड़ के घोटाले में थाना एमजी रोड पुलिस ने जांच के बाद बीईओ ऑफिस में पदस्थ चपरासी सिद्धार्थ जोशी को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। मामले में दर्ज एफआईआर में पांच अन्य कर्मचारियों के नाम भी शामिल हैं। करोड़ों के इस घोटाले का मुख्य आरोपी सिद्धार्थ जोशी है जिसने अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर शासकीय मद का पैसा परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर कर करोड़ों का गबन किया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी विजय सिंह सिसौदिया के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराते बताया था कि आरोपियों ने स्वयं के बैंक खाता व अन्य 8 सह आरोपियों से जुड़े 33 बैंक खातों में शासकीय मद 2 करोड़ 2 लाख रुपए से अधिक राशि को ट्रांसफर कर गबन किया है। जिसके बाद शासकीय उ.मा. विद्यालय खजराना में पदस्थ भृत्य आरोपी सिद्धार्थ जोशी, मोहन दांगी (अतिथि शिक्षक शासकीय क.उ.मा.वि. कम्पेल), पवन खामोद (भृत्य शासकीय क.उ.मा.वि. कम्पेल), छोटेलाल गौड़ (सहायक ग्रेड-2, शासकीय क.उ.मा.वि. संयोगितागंज), केदार नारायण दीक्षित (अतिथि शिक्षक शासकीय क.उ.मा.वि. संयोगितागंज) के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(5), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61 के तहत केस दर्ज किया है। वहीं केस में सह आरोपी रेणु पति सिद्धार्थ जोशी निवासी एल पी भार्गव नगर, उज्जैन और सिद्धार्थ का बेटा मोहक जोशी निवासी उज्जैन के अलावा हेमलता, रोशन पानेरी, मुकेश दांगी, अनिता दांगी, जगदीश, मुकेश राठौर को बनाया है। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सिद्धार्थ जोशी को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। जिसके बाद पुलिस को जोशी ने पूछताछ में बताया कि वह भृत्य के पद पर है। उसने तनख्वाह और एरियर के नाम पर अन्य साथियों के साथ मिलकर गबन किया। उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर विभाग के ट्रेजरी में लगने वाले बिल में अपने बिल लगाए हैं। ट्रेजरी में बिल पास के लिए बैंक खातों की सूची जाती थी। इसमें आरोपी ने अपने परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों के बैंक खातों की जानकारी जोड़ विभाग में 2 करोड़ 2 लाख रुपयों से अधिक का गबन किया। इसमें केवल आरोपी जोशी ने 1.75 करोड़ रुपए विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर धोखाधड़ी की है। पुलिस अन्य चार आरोपियों की तलाश है। जल्द उनको भी गिरफ्तार किया जाएगा। बता दें कि वर्ष 2017 से 2022 के बीच स्कूली शिक्षा विभाग में हुए लगभग ढाई करोड़ के गबन मामले की जांच कलेक्टर के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन ने जो कमेटी बनाकर करवाई थी उसमें कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए थे। जांच में यह पता चला था कि विभाग के चपरासी, अतिथि शिक्षक, सहायक संचालक और प्राचार्य तक इसमें लिप्त हैं और उन्होंने अलग-अलग निजी खातों में यह सरकारी राशि जमा कराई थी। जांच कमेटी में संभागीय संयुक्त संचालक कोष और लेखा दिव्या शर्मा के साथ मनीष दुबे, प्रतीक गौड़, गुंजन तेजावत, चेतना पटेल, सिंपल पटेल, सजल सक्सेना, सुनंदा बघेल, अमान नकवी और निधि कटियार आदि शामिल रहे। जांच के बाद इसमें मुख्य रूप से सिद्धार्थ जोशी नामक चपरासी की भूमिका सामने आई थी। जिसने अपनी पत्नी-पुत्र और अन्य परिजनों के 8 खातों में लगभग पौने 2 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जमा करा दी। अब इस 1 करोड़ 75 लाख 62,277 रुपए की राशि की वसूली जोशी से होगी। मामले में फिलहाल जिला शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर पांच मुख्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जांच कार्रवाई के बाद पुलिस अन्य को भी सह आरोपी बना सकती है। आनंद पुरोहित/ 07 मई 2026