रायपुर(ईएमएस)। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज विभिन्न राजनीतिक, प्रशासनिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक हिंसा, राज्य की प्रशासनिक नियुक्तियों, सुशासन तिहार और विपक्षी दलों के आंदोलनों को लेकर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस पर तीखे बयान दिए। पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण साव ने कहा कि चुनावी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता और समर्थक कथित रूप से “नापाक हरकतों” में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और वहां किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर भी उन्होंने निशाना साधा। साव ने कहा कि विपक्ष का ध्यान लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान से ज्यादा अपने राजनीतिक हितों पर केंद्रित रहता है। उन्होंने इसे “सत्ता लोलुपता” का उदाहरण बताया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक वर्ष पूरे होने पर उप मुख्यमंत्री ने इसे प्रधानमंत्री के नेतृत्व और भारतीय सेना की क्षमता का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से सीमा पर सक्रिय आतंकियों की ताकत को कमजोर किया गया और पहलगाम हमले का जवाब भारतीय सेना ने मजबूती से दिया। इस दौरान उन्होंने सेना के साहस और बलिदान को नमन किया। छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल और नियुक्तियों को लेकर भी अरुण साव ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ये फैसले पूरी तरह प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं। उनका उद्देश्य शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि इससे प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा और आम लोगों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। ‘सुशासन तिहार’ अभियान को लेकर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सरकार की जवाबदेही और जनता से सीधे संवाद का माध्यम है। उन्होंने बताया कि मंत्री और अधिकारी गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और मौके पर समाधान भी किया जा रहा है। उनके अनुसार यह पहल प्रशासनिक खामियों को दूर करने में मददगार साबित हो रही है। वहीं, एनएसयूआई द्वारा सीएम हाउस घेराव को लेकर भी उन्होंने टिप्पणी की। साव ने कहा कि संगठन की गतिविधियों से सभी परिचित हैं और उनके आंदोलन की मंशा पर भी सवाल खड़े होते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हालिया बयान पर पलटवार करते हुए अरुण साव ने कहा कि यदि कांग्रेस अपनी हार से संतुष्ट है, तो यह उसका आंतरिक मामला है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “99 चुनाव हारने के बाद भी कांग्रेस उत्साहित रहती है।” दरअसल, भूपेश बघेल ने हाल ही में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा था कि वे “श्रेय की राजनीति नहीं करते” और भाजपा नेताओं को बंगाल एवं असम में मिली जीत का श्रेय लेने की चुनौती दी थी। उन्होंने ईवीएम और चुनाव आयोग को लेकर भी सवाल उठाए थे, जिस पर अब भाजपा की ओर से यह तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। सत्यप्रकाश(ईएमएस)07 मई 2026