- प्रिंसिपल-एजेंट मॉडल का विस्तार; तीन श्रेणियों में होंगे आवेदन नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) लेनदेन संबंधी नियमों में बड़ा बदलाव किया है। 30 अप्रैल को जारी अधिसूचना के अनुसार, अब नए फुल फ्लेज्ड मनी चेंजर्स (एफएफएमसी) को लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे। केंद्रीय बैंक का लक्ष्य फॉरेक्स सेवाओं की पहुंच बढ़ाना और अनुपालन को सुगम बनाना है। आरबीआई ने अधिकृत संस्थाओं के मौजूदा ढांचे की समीक्षा कर प्रिंसिपल-एजेंट मॉडल का विस्तार करने का निर्णय लिया है, जिससे जांच-परख के बाद बेहतर विदेशी मुद्रा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। अब विदेशी मुद्रा से जुड़े किसी भी लेनदेन के लिए संस्थाओं को आरबीआई की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। नए आवेदनों पर तीन श्रेणियों में विचार किया जाएगा- एडी केटेगिरी-1(बैंक), एडी केटेगिरी-2 न्यूनतम 2 साल के अनुभव वाले एनबीएफसी, मौजूदा एफएफएमसी या फॉरेक्स एजेंट) और एडी केटेगिरी-3 (नए व इनोवेटिव उत्पाद देने वाली संस्थाएं)। यह बदलाव विदेशी मुद्रा सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सतीश मोरे/07मई ---