क्षेत्रीय
07-May-2026


लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए नगर निगम में नेशनल लोक अदालत का आयोजन 9 मई को संपत्ति एवं जल कर के सरचार्ज (अधिभार) में मिलेगी 100 प्रतिशत तक की छूट कटनी (ईएमएस)। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा 9 मई शनिवार को प्रदेश के समस्त जिला न्यायालय एवं तहसील के व्यवहार न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का वृहद स्तर पर आयोजन किया जा रहा है। नागरिकों के कल्याण और उन्हें आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाकर नेशनल लोक अदालत में नागरिकों को विशेष सुविधा प्रदान करते हुए संपत्ति कर, जल कर एवं अन्य उपभोक्ता कर के लंबित प्रकरणों में देय अधिभार (सरचार्ज) पर 100 प्रतिशत तक की अभूतपूर्व छूट प्रदान की जा रही है। पांच स्थानों पर आयोजित होंगे शिविर नगर निगम प्रशासन द्वारा निगम के करदाताओं को शासन द्वारा प्रदत्त छूट का अधिक से अधिक लाभ सुविधापूर्ण तरीके से प्रदान करने हेतु शनिवार 9 मई को नगर के प्रमुख पांच स्थलों नगर निगम कार्यालय, बस स्टैंड पुलिस चौकी के पास, दुर्गा चौक खिरहनी, माधव नगर उप कार्यालय एवं सुभाष चौक कटनी में शिविरों का आयोजन किया जाकर नागरिकों को बकाया कर जमा करने पर शासन निर्देशानुसार अधिभार में शत प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जायेगी। छूट की गणना राजस्व अधिकारी जागेश्वर प्रसाद पाठक ने बताया कि योजना के प्रावधानों के अंतर्गत 50 हजार रुपये तक के संपत्ति कर और 10 हजार रुपये तक के जल कर की बकाया राशि वाले प्रकरणों में सरचार्ज पूर्णतः माफ किया जाएगा। इससे अधिक की बकाया राशि होने पर निर्धारित स्लैब के अनुरूप सरचार्ज में 25 से 75 प्रतिशत तक की रियायत का प्रावधान किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 तक की बकाया राशि पर यह विशेष छूट वन टाइम सेटलमेंट के रूप में देय होगी। लोक अदालत का लाभ प्राप्त करने वाले नागरिकों को छूट के उपरांत शेष राशि अधिकतम दो आसान किस्तों में जमा करने की सुविधाजनक व्यवस्था प्रदान की गई है, जिसके अंतर्गत कम से कम 50 प्रतिशत राशि लोक अदालत के दिन ही जमा करना अनिवार्य होगा। राज्य शासन ने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस नेशनल लोक अदालत में सहभागिता कर अपने लंबित प्रकरणों का निराकरण कराएं और शासन द्वारा प्रदान की जा रही इस विशेष छूट का अधिकतम लाभ उठाएं। लोक अदालत के माध्यम से नगरीय निकायों के लंबित प्रकरणों का त्वरित एवं सुलभ निराकरण किया जाएगा, जिससे आमजनों को व्यापक राहत मिलेगी। शासन की इस जन-कल्याणकारी पहल से नागरिकों को न केवल करों के भारी बोझ से मुक्ति प्राप्त होगी, बल्कि इसके फलस्वरूप नगरीय निकायों को भी एकमुश्त राजस्व की प्राप्ति सुनिश्चित हो सकेगी। ईएमएस / 07 मई 26