ग्वालियर ( ईएमएस ) | जिले के किसानों को ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति) प्रणाली के माध्यम से ई-टोकन द्वारा उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने खाद वितरण व्यवस्था से जुड़े विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में ई-टोकन के माध्यम से ही खाद वितरित किया जाए। उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास आरबीएस जाटव ने बताया कि जिले में वर्तमान में उपलब्ध खाद के स्टॉक में 9344 मैट्रिक टन यूरिया, 2259 मैट्रिक टन डीएपी, 8612 मैट्रिक टन एनपीके एवं 4388 मैट्रिक टन एसएसपी शामिल है। इस प्रकार जिले में कुल 24 हजार 921 मैट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। वैश्विक परिस्थितियाँ विषम होने के बावजूद भारत सरकार द्वारा प्रदेश में उर्वरकों की आपूर्ति तय कार्यक्रम के अनुसार लगातार की जा रही है। जिले में उपलब्ध खाद की जानकारी सोसायटीवार, मार्कफेड के डबल लॉक केन्द्रवार तथा निजी दुकानों के अनुसार ई-विकास पोर्टल पर उपलब्ध है। किसानों से अनुरोध किया गया है कि वे अपनी सोसायटी अथवा पसंदीदा दुकान से ई-विकास पोर्टल के माध्यम से खाद की बुकिंग कर सकते हैं। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया अनुसार खाद का उठाव किया जा सकता है। ई-विकास प्रणाली में राजस्व पट्टाधारी, वन पट्टाधारी, सिकमी किसान, शारीरिक रूप से अक्षम किसान, वृद्ध किसान, मृतक किसान के वारिस तथा धार्मिक संस्थान एवं ट्रस्ट की भूमि के लिए भी खाद उपलब्ध कराने की सुविधा दी गई है। किसान खरीफ फसलों की बोनी के लिए अनुशंसित मात्रा के अनुसार यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी एवं पोटाश खाद एक बार में प्राप्त कर सकते हैं। आवश्यकता होने पर किसान पुनः पोर्टल पर प्रक्रिया का पालन कर अपनी सुविधानुसार खाद की बुकिंग और उठाव कर सकते हैं।