07-May-2026
...


- 1 लाख 40 हजार की जाली करेंसी बरामद, बंगाल से लाया था खपाने के लिये - पाकिस्तानी कागज पर छपे है जाली नोट - 10 दिन में खपा चुका है 60 हजार के नकली नोट - पुलिस से बचने के लिये यूनाइटेड किंगडम सीरीज का फोन नंबर करता था इस्तेमाल भोपाल(ईएमएस)। राजधानी भोपाल की कोहेफिजा पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए पश्चिम बंगाल के एक ऐसे एमबीबीएस डॉक्टर युवक को गिरफ्तार किया है, जो साल 2024 से भोपाल में रहते हुए बंगाल से जाली नोट लाकर खपाने का काम कर रहा था। टीम ने उसके पास से 500 रुपए के 280 नकली नोट बरामद यानि 1 लाख 40 हजार की जाली करेंसी बरामद की है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने खुद को एमबीबीएस डॉक्टर बता रहा है। आरोपी के पास से पुलिस को एक आईफोन, पेन ड्राइव और विदेशी सीरीज (+44) का मोबाइल नंबर भी मिला है। आरोपी बंगाली युवक के पास जिस तरह के नकली नोट मिले हैं, वह पाकिस्तानी कागज पर छापे गए थे। शुरुआती जांच में पुलिस को संदेह है, कि आरोपी किसी विशेष विचारधारा से प्रभावित हो सकता है। - डिलेवरी देने की फिराक में अया था, लेकिन चढ़ गया पुलिस के हत्थे कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर मुखबिर से सूचना मिली कि सैफिया कॉलेज ग्राउंड के पास एक संदिग्ध युवक कम कीमत में नकली नोट खपाने के लिए ग्राहक की तलाश रहा है। खबर मिलते ही टीम ने घेराबंदी कर उसे धर दबोचा। शुरुआती पूछताछ में आरोपी की पहचान सैफुल इस्लाम पिता अनवर-उल इस्लाम (27) मूल निवासी, वीरभुम पश्चिम बंगाल, वर्तमान पता जी-2, अरेरा कालोनी शाहपुरा, भोपाल के रुप में हुई। तलाशी लेने पर पुलिस को उसके पास से पांच सौ रुपए के 280 नकली नोट मिले थे। पुलिस पूछताछ उसने बताया कि वह यह नकली नोट पश्चिम बंगाल से अपने दोस्त से लेकर आया था। आरोपी ने पुलिस को बताया की वह वर्तमान में शाहपुरा स्थित गुलमोहर कॉलोनी में किराए के मकान में रहता है। यह कार्यवाही पुलिस ने बुधवार दोपहर को की थी, और गुरुवार को इसका खुलासा किया है। आगे की पूछताछ के लिये पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर 7 दिन की रिमांड पर लिया गया है। - शादी के बाद भोपाल में रहकर करने लगा फेक करेंसी का कारोबार आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसका 2024 की जून-जुलाई से भोपाल मे आना जाना लगा रहता था। सितम्बर 2024 मे शादी के बाद से वह भोपाल मे ही गुलमोहर कॉलोनी में किराए से रह रहा था। - काम-धंधा न होने पर बंगाल से लाने लगा नकली नोट आरोपी ने पुलिस को बताया की यहॉ रहने के दौरान वह कोई काम धंधा नही करता था। अपनी मंहगी और खर्चीली लाईफ स्टाईल मेंटेन करने और बिना मेहनत के जल्दी अमीर बनने के लालच में वो पश्चिम बंगाल से नकली नोट लाकर मार्केट मे चलाने लगा। आरोपी 2024 से इस धंधे में लिप्त है, और पहले भी दो बार भोपाल आकर नकली नोट खपा चुका है। - 60 हजार में लाया था 2 लाख के नकली नोट 10 दिन में खपा दिये 60 हजार के नकली नोट सैफुल ने पुलिस को बताया कि वह दो लाख रुपए की जाली करेंसी 60 हजार रुपए में खरीदकर लाया था। और बीते 10 दिनों में वह करीब 60 हजार रुपए के नकली नोट बाजार में खपा चुका है। वो भोपाल में 300 रुपए असली लेकर बदले में 500 रुपए का नकली नोट देता था। - पाकिस्तान और नेपाल के कागज पर छपे नोट यूके के नंबर और साइबर ठगी से लिंक पुलिस के मुताबिक जब्त नोट नेपाल और पाकिस्तान में इस्तेमाल होने वाले कागज जैसे पेपर पर छपे हैं। ऐसे में जांच अब अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय एंगल से भी की जा रही है। पुलिस को आरोपी के मोबाइल से विदेशी नंबरों पर बातचीत के संकेत मिले हैं। आरोपी अपनी पहचान छुपाने के लिये अपने आईफोन मे यूके+44 नंबर डालकर वाटसअप कालिंग करता था। उसका कहना है कि अन्तराष्ट्रीय नंबर (यूके+44 सिरिज) से वाटसअप काल करने पर फोन ट्रैक नही होता है। जांच में आरोपी के साइबर ठगों को फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने के लिंक भी मिले है। आरोपी के मोबाईल पर पुलिस को पैसे के लेनलेन सबंध मे संदिग्ध ट्राक्शन भी मिले है। फिलहाल पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर कई बिंदुओ पर पूछताछ कर उसके नेटवर्क और अन्य साथियों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियो का मानना है की आगे की पूछताछ कर देशभर मे नकली नोट सप्लाई करने वाले बडे गिरोह के खुलासे की सम्भावना है। इसके साथ ही अब पुलिस आरोपी को नकली नोट सप्लाई करने वाले व्यक्ति को पकड़ने के लिए बंगाल जाने की तैयारी में है। जुनेद / 7 मई