राज्य
07-May-2026
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इन्दौर (ईएमएस) लगातार उड़ानों की निरस्ती के अलावा उनकी लेट लतीफी तथा बार बार किए जा रहे फ्लाइटों के रूट डायवर्ट के चलते पहले ही देश भर में अपनी छबि खराब कर रहे इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट के नाम के साथ एक और शर्मसार करने वाला मामला तब जुड़ गया जब एयरपोर्ट डायरेक्टर सुनील मग्गीरवार के खिलाफ गंभीर आरोपों से भरा एक शिकायत पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय, नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) मुख्यालय, चीफ विजिलेंस ऑफिसर और स्थानीय सांसद तक पहुंचा। जिसके बाद एएआई की उच्चस्तरीय टीम जीएम सिविल प्रभु सरकार के नेतृत्व में दिल्ली से इंदौर पहुंची। और टीम ने एयरपोर्ट से जुड़े अहम दस्तावेजों की जांच की तथा कई अधिकारियों के बयान दर्ज किए। मामले में प्राप्त जानकारी अनुसार हाईकोर्ट एडवोकेट मनोज रायजादा के नाम से भेजें गये इस शिकायत पत्र को पीएमओ द्वारा जांच के लिए 17 अप्रैल को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को भेजा गया था जिसके बाद जीएम सिविल प्रभु सरकार सहित अन्य अधिकारियों का दल इंदौर एयरपोर्ट पहुंचा और जांच शुरू की। शिकायत पत्र में एयरपोर्ट डायरेक्टर पर तानाशाही रवैया अपनाने, अधिकारियों और कर्मचारियों को गाली बकने, अभद्र भाषा में बात करने, भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और अनुचित दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि एयरपोर्ट डायरेक्टर सुनील मग्गीरवार ने कुछ ही दिनों में इंदौर एयरपोर्ट का माहौल खराब और तनावपूर्ण बना दिया है। वे अधिकारियों और कर्मचारियों से अपमानजनक और स्तरहीन भाषा (गाली) का प्रयोग करते हैं तथा लगातार ट्रांसफर की धमकी देते रहते हैं। पत्र में गंभीर और सनसनीखेज आरोप यह भी लगाया गया कि एक बैठक के दौरान विंटर यूनिफॉर्म सूट पहनकर आए ऑपरेशनल अधिकारियों से डायरेक्टर ने कहा.... ‘आप लोग कोई काम नहीं करते, सिर्फ सूट पहनकर यहां लड़कियों को ताड़ने आते हो, कल से कोई सूट पहनकर नहीं आएगा। शिकायत में एयरपोर्ट अथॉरिटी को अनुचित आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते कहा गया है कि डायरेक्टर मग्गीरवार ने ज्वाइन करने के बाद एक माह से ज्यादा सरकारी गेस्ट हाउस में निवास किया था। उसके बाद वे एयरपोर्ट डायरेक्टर के लिए आरक्षित बंगले में शिफ्ट हुए। इसके बाद भी उन्होंने एचआरए लिया, जबकि गेस्ट हाउस चार्ज न के बराबर होते हैं और एचआरए की राशि बहुत ज्यादा मिलती है, एयरपोर्ट अथॉरिटी को हुए इस आर्थिक नुकसान की जांच की भी मांग शिकायत में की गई है। मामले में एयरपोर्ट डायरेक्टर सुनील मग्गीरवार का कहना है कि मेरे खिलाफ की गई शिकायत के सभी आरोप तथ्यहीन हैं। मैंने जांच अधिकारियों को सभी आरोपों को लेकर बिंदुवार जवाब भी दे दिया है। न तो मैंने किसी अधिकारी के साथ बुरा व्यवहार या गलत भाषा का प्रयोग किया है न ही कोई गलत टिप्पणी की है। नियमानुसार ट्रांसफर के बाद हमें दो माह तक गेस्ट हाउस में रहने की पात्रता होती है। आवास खाली न होने के कारण में गेस्ट हाउस में रहा और उसका तय शुल्क भी दिया। यह सही है कि इस दौरान मैंने एचआरए भी लिया। एचआरए कितना मिला और शुल्क कितना दिया यह एचआर से चेक करना पड़ेगा। बता दें कि करीब सात माह पहले सुनील मग्गीरवार मुंबई एयरपोर्ट से ट्रांसफर होकर इंदौर आए हैं। वे मुंबई एयरपोर्ट की संचार शाखा में जॉइंट जीएम के पद पर कार्यरत थे। इससे पहले उन्होंने शिमला और जलगांव एयरपोर्ट पर एयरपोर्ट डायरेक्टर के रूप में भी सेवाएं दी हैं। आनंद पुरोहित/ 07 मई 2026